देहरादून। सचिवालय में आयोजित बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास और उनकी टीम ने उत्तराखंड के विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान राज्य की उपलब्धियों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन और आयुष तंत्र को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास एवं उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। बैठक में राज्य की विकास यात्रा, आर्थिक प्रगति और विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने प्रदेश की विकास संबंधी जानकारी साझा की, जबकि नीति आयोग की सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने राज्य की आर्थिक रूपरेखा और प्रमुख उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य गठन के बाद उत्तराखंड ने आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पर्यटन और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर अपनी विकास क्षमता का प्रमाण दिया है। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और नागरिकों के लिए सरल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अब भी बड़ी चुनौती है। महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या के समाधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए नीति आयोग से तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों की विशेष स्वास्थ्य चुनौतियों पर शोध, क्षमता निर्माण, टेलीमेडिसिन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए एम्स और अन्य उत्कृष्ट संस्थानों को नॉलेज पार्टनर के रूप में जोड़ने का सुझाव भी दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि उत्तराखंड ने कई क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किए हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परिणामों और सतत विकास लक्ष्यों में और बेहतर प्रदर्शन की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने मातृ मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर, संस्थागत प्रसव, टीबी उपचार, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य अवसंरचना को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा आयुष आधारित स्वास्थ्य तंत्र के विस्तार पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, नीति आयोग के उप सचिव दीपक कुमार, ओएसडी डॉ. शोभित कुमार सहित शासन और नीति आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






