देहरादून/ऋषिकेश/नई टिहरी। ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र में सात मई को हुए नितिन देव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने जो घटनाक्रम बताया है, वो बेहद चौंकाने वाला है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की साजिश देहरादून की सुद्धोवाला जेल में रची गई। बदले की भावना से की गई हत्या के लिए बिहार के भाड़े के शूटर को सुपारी दी गई। हत्याकांड का खुलासा करने पर डीजीपी दीपम सेठ ने टिहरी पुलिस को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
मुनिकीरेती क्षेत्र की डेक्कन वैली सोसाइटी, तपोवन में सात मई को अज्ञात स्कूटी सवारों ने नितिन देव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। नितिन हाईट आउट कैफे व जीवन उत्सव रिजॉर्ट का संचालन करते थे। हत्याकांड के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। इस दौरान एसएसपी टिहरी आयुष अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस ने अलग-अलग तरीके से जांच शुरू की। अलग-अलग टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, फील्ड इन्वेस्टिगेशन, सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस जांच और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच शुरू की। साथ ही विशेष टीमें गठित कर अन्तर्राज्यीय स्तर पर दबिश भी दी।
जांच में पुलिस के हाथ जो सुराग लगे, एक बार तो अधिकारियों को भी इस पर यकीन नहीं हुआ। जानकारी मिली कि हत्या की साजिश सुद्धोवाला जेल में रची गई है। दरअसल नितिन देव ने बलात्कार और पोक्सो के आरोपी विपिन के खिलाफ मजबूती से पैरवी की, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। विपिन तभी से नितिन से रंजिश रखने लगा।
जेल में उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी रामवीर सिंह से हुई, जिसके माध्यम से उसने बिहार निवासी अपराधी बिमलेश उर्फ विकास को नितिन की हत्या की सुपारी दी। विपिन ने जेल से जमानत पर छूटने के बाद दिल्ली व ऋषिकेश में बिमलेश से कई बार मुलाकात की। उसने दोनों शूटर को फर्जी आईडी पर नितिन के पड़ोस में ही ठहरा दिया। शूटरों ने कई दिनों तक नितिन की रेकी की और मौका मिलते ही उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने जांच के आधार पर 16 मई को आरोपी बिमलेश उर्फ विकास को बिहार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या की साजिश, सुपारी कनेक्शन तथा अन्य अभियुक्तों की संलिप्तता की पुष्टि की है।






