देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अनियोजित विकास और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रानीपोखरी और थानों क्षेत्रों में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और बिना वैधानिक अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सक्षम प्राधिकारियों के निर्देश पर, सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए संपन्न कराई गई।
प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि कृषि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित कर भू-खंडों की बिक्री की जा रही थी। पूर्व में स्थलों का निरीक्षण कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
रानीपोखरी क्षेत्र के घमंडपुर में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह और राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की गई। मौके पर बिना अनुमति आंतरिक सड़कों का निर्माण, भू-खंडों का सीमांकन और कॉलोनी विकसित करने की तैयारी पाई गई। कार्रवाई के दौरान अवैध सड़कें, पिलर, सीमांकन और अन्य अस्थायी संरचनाएं ध्वस्त कर दी गईं।
इसी क्रम में थानों क्षेत्र में सोनिका नेगी और विशाल द्वारा करीब सात बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाया। जांच में सामने आया कि बिना स्वीकृति प्लॉट काटे जा रहे थे और आम जनता को भू-खंडों की बिक्री शुरू कर दी गई थी। मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों और प्लॉटिंग से जुड़े निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजर और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि एमडीडीए क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत ले-आउट और सीएलयू के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के साथ गंभीर धोखाधड़ी भी है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी भू-खंड या संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधता की पुष्टि अनिवार्य रूप से प्राधिकरण से करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ ध्वस्तीकरण के साथ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है। संबंधित स्थलों पर पहले निरीक्षण और नोटिस की प्रक्रिया पूरी की गई थी, जिसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।






