हरिद्वार/देहरादून/ऋषिकेश। हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर पैदल मार्ग में रविवार सुबह भगदड़ मच गई। इसके कारण छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और पांच गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा 23 अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई अन्य लोगों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने मृतकों के परिजनों के दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। सरकार भी मृतकों के परिजनों के दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की सहायता राशि देगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब नौ बजे मनसा देवी मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं के बीच एकाएक भगदड़ मच गई। बताया जा रहा वहां पर बहुत ज्यादा भीड़ थी। इसी दौरान किसी ने करंट फैलने की अफवाह फैला दी, जिसके बाद भगदड़ मच गई। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 06 श्रद्धालुओं की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि 28 अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार अस्पताल और एम्स ऋषिकेश पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को सभी पीड़ितों व उनके परिजनों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, एवं यात्रा मार्गों की व्यवस्था की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री से इस दौरान मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वार्ता की। मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि इस दुखद घटना में मृतकों के परिजनों के दो-दो लाख तथा घायलों को पचास-पचास हज़ार मनसा देवी ट्रस्ट द्वारा प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, मृतक के परिजनों और घायलों को उनके घर तक ले जाने के लिए ट्रस्ट द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाएगी।
घायलों को दी गई त्वरित चिकित्सकीय सुविधा
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। पांच गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को तत्काल एम्स, ऋषिकेश रेफर किया गया है। शेष 23 घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय, हरिद्वार में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों को हर संभव चिकित्सकीय सुविधा मुहैया करा रही हैं।
जानकारी अथवा सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
देहरादून। घटना की जानकारी मिलते ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और स्थिति की निगरानी शुरू की। उन्होंने तत्काल आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, घटना की जानकारी और प्रभावित लोगों से संपर्क स्थापित करने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार
📞 01334-223999
📱 9068197350
📱 9528250926
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून’’
📞 0135-2710334, 2710335
📱 8218867005
📱 9058441404
रेस्क्यू एवं राहत कार्य में सभी एजेंसियां सक्रिय
हरिद्वार/देहरादून। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की संयुक्त टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान को तेज गति से संचालित किया गया। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित तथा एसससपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की व अस्पताल में घायलों का हाल जाना। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार दिया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अफवाहों पर ध्यान न दें – सचिव आपदा प्रबंधन
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है और राहत कार्यों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
दुर्घटना के मृतकों का विवरण
- आरूष पुत्र पंकज (12 वर्ष), निवासी- सौदा बरेली, उत्तर प्रदेश
- शकलदेव पुत्र बेचान (18 वर्ष), निवासी- अररिया, बिहार
- विक्की पुत्र रिक्का राम सैनी (18 वर्ष), रामपुर, उत्तर प्रदेश
- विपिन सैनी पुत्र रघुवीर सिंह सैनी (18 वर्ष), काशीपुर, उत्तराखंड
- वकील पुत्र भरत सिंह, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश
- शांति पत्नी रामभरोसे, बदायूं, उत्तर प्रदेश
घायलों का विवरण
- इंद्र पुत्र महादेव, पानीपत
- दुर्गा देवी पत्नी निर्मल, दिल्ली
- शीतल पत्नी तेजपाल, उत्तर प्रदेश
- भूपेंद्र पुत्र मुन्ना लाल, उत्तर प्रदेश
- अर्जुन पुत्र सूरज, उत्तर प्रदेश
- कृति पुत्री उमेश शाह, बिहार
- राजकुमार पुत्र निदेश शाह, बिहार
- अजय पुत्र संजय, बिहार
- रोहित शर्मा पुत्र कमलेश शर्मा, उत्तर प्रदेश
- विकास पुत्र प्रेमपाल, उत्तर प्रदेश
- काजल पुत्री अर्जुन, उत्तर प्रदेश
- अराधना कुमार पुत्री विनोद शाह, बिहार
- विनोद शाह पुत्र रोहित शाह, बिहार
- निर्मला पत्नी पंकज कुमार, उतत्र प्रदेश
- विशाल पुत्र छेदा लाल, उत्तर प्रदेश
- अनुज पुत्र अर्जुन, उत्तर प्रदेश
- एकांक्षी पुत्री संजीव कुमार, उत्तर प्रदेश
- संदीप पुत्र रमेश कुमार, उत्तर प्रदेश
- रोशाल लाल पुत्र एवं पता अज्ञात
- दीक्षा, उत्तर प्रदेश
- अजय कुमार पुत्र सहदेव, बिहार
- मनोज शरण, उत्तर प्रदेश






