नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद संघर्ष विराम लागू कर दिया गया है। सीजफायर का ऐलान होने के कुछ ही देर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्चस्तरीय बैठक की और मौजूदा हालातों की समीक्षा की। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने जानकारी दी है कि भारत और पाक के डीजीएमओ इस मामले को लेकर 12 मई को दोपहर 12 बजे एक बार फिर बातचीत करेंगे।
पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे हवाई हमलों का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। साथ ही, भारतीय सेना के हमलों में पाकिस्तान के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। इससे बैकफुट पर आए पाक ने संघर्ष विराम का आह्वान किया था, जिसे भारत सरकार ने मान लिया है। भारत ने शाम पांच बजे से संघर्षविराम का एलान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने की उच्चस्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री आवास (एलकेएम) पर आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे।
महबूबा मुफ्ती बोलीं अब चैन से सो सकेंगे
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हुए। जब हमारे देश और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू-कश्मीर के लोगों को होता है। उन्होंने कहा कि इतने सारे लोग मारे गए और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, ऐसे समय में यह हुआ है। इतने दिनों के बाद आज लोग चैन की नींद सोएंगे। सैन्य समाधान कोई समाधान नहीं है, राजनीतिक हस्तक्षेप की हमेशा ज़रूरत होती है। हमें मध्यस्थ की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। हमारे देश को सभी देशों का बड़ा भाई बनना चाहिए और मुद्दों को सुलझाना चाहिए।
जेडी वेंस बोले पाक ने जताई ईच्छा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्वीट किया कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के कठिन परिश्रम और इस संघर्ष विराम में शामिल होने की इच्छा के लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। संघर्ष विराम के बाद पाकिस्तान ने भारत के लिए अपना एयर स्पेस खोला। पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है।
स्थगित ही रहेगी सिंधु जल संधि
भले ही संघर्ष विराम हो गया हो लेकिन भारत सरकार ने पाक की कोई शर्त नहीं मानी है। यहां तक की सिंधु जल संधि भी बहाल नहीं होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि युद्ध विराम की कोई पूर्व या पश्चात शर्त नहीं है। यह आह्वान पाकिस्तान की ओर से किया गया था। सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी।
लगातार झूठ फैला रहा था पाकिस्तान
इससे पहले हुई नियमित ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने कई झूठ बोले हैं। पाकिस्तान झूठी खबरें फैला रहा है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने अपने JF 17 से हमारे S400 और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया है, जो पूरी तरह से गलत है। दूसरे, उसने यह भी गलत सूचना अभियान चलाया कि सिरसा, जम्मू, पठानकोट, भटिंडा, नलिया और भुज में हमारे एयरबेस को नुकसान पहुंचाया गया है और उसकी यह गलत सूचना भी पूरी तरह से गलत है। तीसरा पाकिस्तान के गलत सूचना अभियान के अनुसार, चंडीगढ़ और व्यास में हमारे गोला-बारूद डिपो को नुकसान पहुंचाया गया है, जो भी पूरी तरह से गलत है।
मस्जिदों को नुकसान पहुंचाने के आरोप झूठे
उनके वरिष्ठ सेना अधिकारी ने झूठा आरोप लगाया कि भारतीय सेना ने मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया। लेकिन भारतीय सेना ने ऐसा कुछ नहीं किया। सशस्त्र बलों ने सैन्य ठिकानों को नुकसान नहीं पहुंचाया। पाकिस्तान ने झूठे आरोप लगाए कि भारतीय सेना ने मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया। मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और हमारी सेना भारत के संवैधानिक मूल्यों का एक बहुत ही सुंदर झलक है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया। सेना ने उसके एयरबेस को नुकसान पहुंचाया। उसके एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह किया।
भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार
कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि भारतीय सेना सतर्क व तैयार है और भारत की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए तत्पर है। कमोडोर रघु नायर ने कहा कि जैसा कि विदेश सचिव ने कहा था, समुद्र, हवा और ज़मीन पर सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए एक सहमति बन गई है। भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना को इस सहमति का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
कांग्रेस नेता बोले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका की ओर से किए गए एलान के मद्देनजर अब पहले से कहीं अधिक जरूरत है कि प्रधानमंत्री एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करें और राजनीतिक दलों को विश्वास में लें। संसद का एक विशेष सत्र बुलाएं जिसमें पिछले अठारह दिनों की घटनाओं पर चर्चा हो, जिसमें क्रूर पहलगाम आतंकी हमलों और आगे की रणनीति शामिल हो तथा सामूहिक संकल्प प्रदर्शित हो।






