देहरादून। श्री गुरु नानक देव महाराज का 555वां आगमन प्रकाश पर्व शुक्रवार को राजधानी देहरादून में धूमधाम से मनाया गया। श्री गुरु हरि राय साहिब जी की सातवीं पातशाही में टीएचडीसी कॉलोनी, देहराखास की संगत ने उनका श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों ने शामिल होकर श्री नानक देव महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा प्रदर्शित की।
इस दौरान चार से 15 नवंबर तक प्रभात फेरियां निकाली गई। शुक्रवार को देहराखास में बड़ी प्रभात फेरी निकाली गई। संगतों ने कई जगह प्रसाद के स्टॉल लगाकर प्रभात फेरी का स्वागत किया। ब्रह्ममुहूर्त में गुरु वाणी का पाठ और कीर्तन हुआ। गुरु घर के रागी हरप्रीत सिंह व जोगिंदर सिंह ने शबद “निहचल नीओ धराईउनु साधसगंति सचखंड समेओ” व “हउ हरि बिनु अवरु न जाना” गायन कर संगतो को निहाल किया।
प्रधान एचएस कालड़ा ने श्री गुरु नानक देव जी के जीवन इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव ने हमें सत्य, करुणा और सेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने मेहनत और ईमानदारी से अपनी आजीविका कमाने, ईश्वर का स्मरण और ध्यान करने, अपने धन और संसाधनों को दूसरों के साथ बांटने का संदेश दिया। गुरु नानक जी का जीवन हमें सिखाता है कि समाज सेवा ही सच्ची भक्ति है। दूसरों की मदद करना, समानता का आदर करना और बिना किसी भेदभाव के सबकी सेवा करना ही मानवता का मूल उद्देश्य है।
समाप्ति के उपरांत गुरु का अतुट लंगर वरताया गया। आयोजन में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य परवीन मल्होत्रा, कुलदीप सिंह, विजय खुराना, नरेश सिह खालसा, अजीत सिंह, हरजीत सिंह, मेजर सिंह, विनय किंगर, रविंद्र सिंह आदि ने सहयोग दिया।