देहरादून। पिछले चार दिनों से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद गगोड़िया उर्फ “घन्ना भाई” का मंगलवार दोपहर निधन हो गया। श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के चिकित्सकों ने दोपहर में उन्हें मृत घोषित किया। यहां से उनके पार्थिक शरीर को किद्दूवाला स्थित आवास पर अंतिम दर्शनों के लिए ले जाया गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई लोगों, संस्थाओं, संगठनों, फिल्म व कलाप्रेमियों ने शोक व्यक्त किया है।
कुछ दिन पूर्व यूरिन में ब्लड आने की शिकायत के बाद घन्ना भाई रूटीन चेकअप के लिए श्री महंत इंदिरेश अस्पताल पहुंचे थे। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। क्रिटिकल केयर यूनिट में चार दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद मंगलवार दोपहर को आखिरकार उन्होंने हार मान ली। आवाज सुनो पहाड़ों की कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक बलबीर सिंह पंवार और संयोजक नरेंद्र रौथाण ने बताया कि घन्ना भाई को पूर्व में पेसमेकर लगाया गया था। उसके बाद से वह अस्पताल में नियमित तौर पर हृदय संबंधी जांच करवा रहे थे।
घन्ना भाई के पार्थिक शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए किद्दूवाला स्थित आवास ले जाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण समेत कई लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कई फिल्म व म्यूजिक वीडियो में किया काम
घन्ना भाई ने कई गढ़वाली फिल्म और म्यूजिक एलबम में काम किया। वह अपनी हास्य क्षमता और अभिनय कौशल के लिए खासे लोकप्रिय थे। वह उत्तराखंड फिल्म एवं कला विकास परिषद के उपाध्यक्ष भी रहे। वह लगातार कलाकारों के कल्याण के लिए प्रयत्नशील रहे।
राजनीति में भी आजमाया हाथ
घन्ना भाई ने राजनीति में भी हाथ आजमाया था। भाजपा के टिकट पर 2012 में उन्होंने पौड़ी से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि वह चुनाव हार गए थे। 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी की थी।
बुधवार को हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार
घन्ना भाई का अंतिम संस्कार बुधवार को हरिद्वार में किया जाएगा। उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उनकी अंतिम यात्रा पूरे सम्मान के साथ निकाली जाएगी। यात्रा में पारिवारिक सदस्यों के साथ ही बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक और कला प्रेमी भी शामिल होंगे।