मुंबई/देहरादून। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में मुंबई में देशभर के गौ संसद प्रदेश प्रभारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गौहत्या बंदी, गौमतदाता अभियान और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने जैसे विषयों पर व्यापक विचार किया गया।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने प्रदेश प्रभारियों और गौ सांसदों को निर्देश दिया कि वे गौसेवा कार्यों को और गति दें तथा अधिक से अधिक लोगों को गौ मतदाता अभियान से जोड़ें। इस बैठक को गौ संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने विभिन्न प्रभारियों को नई दिशा और जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
उत्तराखंड में चलाया जाएगा व्यापक अभियान
टिहरी गौ सांसद एवं उत्तराखंड गौ सांसद प्रदेश प्रभारी अनुसूया प्रसाद उनियाल ने कहा कि गाय को राज्य माता और केंद्र स्तर पर राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, इसके लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें भारत भूमि से गौहत्या का कलंक मिटाने के लिए हरसंभव प्रयास करने होंगे।
गौ विधायकों की होगी नियुक्ति, दायित्व भी निर्धारित
बैठक में तय हुआ कि प्रत्येक प्रदेश का प्रभारी अपने लोकसभा क्षेत्रों में गौ विधायकों की नियुक्ति करेगा। ये नियुक्तियां चैत्र प्रतिपदा से एक वर्ष के लिए होंगी और कार्य के आधार पर नवीनीकरण किया जाएगा। गौ विधायकों को अपने क्षेत्र में कम से कम 1008 व्यक्तियों को जोड़कर उन्हें गौमतदाता बनाने का कार्य करना होगा। साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श राम गौ धाम की स्थापना का लक्ष्य रखा गया, जिसमें प्रदेश की मूल देशी गायों को संरक्षित किया जाएगा।
बिहार में आयोजित होगी “गौमतदाता संकल्प यात्रा”
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बिहार चुनाव के संदर्भ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 33 दिनों की “गौमतदाता संकल्प यात्रा” करेंगे। इस यात्रा का शुभारंभ बिहार के सीतामढ़ी से किया जाएगा और इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को गौ संरक्षण अभियान से जोड़ना होगा।






