देहरादून। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड रजत जयंती उत्सव इस बार विशेष रूप से महत्वपूर्ण बन गया है। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों का उत्तराखंड आगमन प्रस्तावित है। राजधानी देहरादून में दोनों ही दौरों की तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। एफआरआई में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और राष्ट्रपति निकेतन परिसर में राष्ट्रपति से संबंधित लोकार्पणों को लेकर उच्च स्तरीय निरीक्षण और समीक्षा बैठकों का क्रम जारी है।
राज्य स्थापना दिवस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून आगमन की तैयारियों के संदर्भ में सोमवार को आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे के साथ अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, महानिदेशक उद्योग सौरभ गहरवार, आईजी इंटेलिजेंस केएस नगन्याल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी अजय सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन स्थल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, मंच व्यवस्था, दर्शक दीर्घा और आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और समयबद्ध रूप से सभी तैयारियाँ पूरी करने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे ने जिलाधिकारी सहित सभी विभागाधिकारियों को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए ताकि यह आयोजन यादगार और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो। आयुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से लगाव सार्वजनिक रूप से जाना हुआ है और राज्य स्थापना के 25 वर्ष के मौक़े पर उनकी उपस्थिति राज्यवासियों के लिए गर्व और सम्मान का विषय होगी।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रस्तावित देहरादून यात्रा को लेकर राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से भी सक्रिय तैयारियाँ की जा रही हैं। राष्ट्रपति सचिवालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने देहरादून में अधिकारियों की बैठक बुलाकर राष्ट्रपति निकेतन एवं निकटवर्ती परियोजनाओं की प्रगति और यात्रा की रूपरेखा पर समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी देहरादून डॉ. सविन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह और मुख्य नगर अधिकारी नमामि बंसल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में राष्ट्रपति की परिसंपत्तियों के अंतर्गत देहरादून में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिये गए और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व आमजन सुविधा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया।
एफआरआई बनेगा रजत जयंती समारोह का केंद्र
राज्य स्थापना दिवस का मुख्य समारोह देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक स्थल राष्ट्रीय स्तर के अनेक कार्यक्रमों का आयोजन रेखांकित कर चुका है और इस बार भी प्रदर्शनियों, मंचीय कार्यक्रमों और विकास सूचकांकों की प्रदर्शनी के लिए उपयुक्त मंच होगा।
132 एकड़ में आकार ले रहा ‘राष्ट्रपति उद्यान’
देहरादून में राष्ट्रपति संपदा के अंतर्गत 132 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रपति उद्यान का निर्माण तेज गति से चल रहा है। उद्यान की परिकल्पना सुगम्यता, सततता और सामुदायिक सहभागिता के सिद्धांतों पर आधारित है। यहाँ थीम आधारित फूलों के बाग, तितली गृह, पक्षीशाला, सुरम्य झील, पैदल व साइकिल ट्रैक, आठ सौ से अधिक क्षमता वाला मुक्ताकाश रंगमंच, सार्वजनिक पुस्तकालय और फूड प्लाजा जैसे आकर्षण होंगे। उद्यान में देश का दूसरा सबसे ऊँचा राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ भी स्थापित किया जा रहा है और इस परियोजना को अगले वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रपति निकेतन परिसर में हॉर्स राइडिंग एरीना और पहाड़ी वास्तुकला की छाप वाला फुट ओवर ब्रिज का निर्माण पूरा है। हॉर्स राइडिंग एरीना में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली से प्रेसीडेंट्स बॉडीगार्ड के छह घोड़े लाए जा रहे हैं, जिन्हें जनता के लिए निरीक्षण और घोड़े सवारी सहित मार्गदर्शक गतिविधियों के रूप में प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जा रही है। राजपुर रोड पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए फुट ओवर ब्रिज पर दोनों ओर लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यह 32 मीटर लंबा तथा चार मीटर चौड़ा है और छः माह के भीतर इसका निर्माण पूरा किया गया।
जनता के लिए आकर्षण बन रहे राष्ट्रपति निकेतन और तपोवन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जून में लोकार्पित राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन अब देहरादून के प्रमुख पर्यटन और सार्वजनिक उपयोग के केंद्र बन चुके हैं। पिछले चार महीनों में राष्ट्रपति निकेतन में 4,753 और राष्ट्रपति तपोवन में 15,567 लोगों ने भ्रमण किया है। निर्माणाधीन राष्ट्रपति उद्यान के पूरा होने पर अनुमान है कि यह प्रति वर्ष करीब 20 लाख पर्यटकों को आकर्षित करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था व सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देगा।
राज्य सरकार, राष्ट्रपति सचिवालय और सुरक्षा संस्थानों के बीच समन्वय व निरन्तर समीक्षा के चलते देहरादून रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक उत्सव की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों की संभावित उपस्थिति इस उत्सव को केवल समारोह नहीं रहने देगी, बल्कि उत्तराखंड की विकास यात्रा और सांस्कृतिक पहचान का प्रमाण बनेगी।






