रुद्रप्रयाग/देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 2026 की यात्रा तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं समन्वित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव बर्द्धन ने कहा कि केदारनाथ धाम आज पूरे देश में पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन का लक्ष्य केवल भौतिक निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था और सुविधा का संतुलित संगम सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक पवित्र, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सौंदर्य का रखा जाए ध्यान
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से धाम में चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि कपाट बंद होने के बाद भी धाम क्षेत्र में सुरक्षा, सामग्री संरक्षण और बर्फबारी की स्थिति में कार्यों के रखरखाव को लेकर पूरी तैयारी रखी जाए।
यात्रा सत्र 2026 के लिए पूर्व योजना तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि 23 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो रहे हैं, इसलिए अब से ही अगले यात्रा सत्र 2026 की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच पूर्व योजना (pre-planning) और समन्वय को और मजबूत किया जाए, ताकि आने वाले सीजन में यात्रियों को और बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
विभागीय समन्वय से सुचारू रूप से चल रही व्यवस्थाएँ
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय और सहयोग से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपाट बंद होने के बाद भी आवश्यक सेवाओं की निरंतरता और रखरखाव सुनिश्चित करने की तैयारियाँ पूरी हैं।
निरीक्षण के दौरान रहे कई अधिकारी उपस्थित
मुख्य सचिव के साथ इस निरीक्षण दौरे में जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य कार्याधिकारी मंदिर समिति विजय थपलियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता डीडीएम विनय झिंकवाण, एआरटीओ रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






