देहरादून। डेयरी विकास की गंगा गाय योजना का लाभ अब सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को भी मिलेगा। पहले इस योजना का लाभ केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के लाभार्थियों को ही मिलता था। उत्तराखंड कैबिनट ने बुधवार को हुई बैठक में इस संशोधन पर अपनी सहमति जताई। इसके अलावा कैबिनेट ने तीन अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए।
गंगा गाय योजना के तहत लाभार्थियों को 90 फीसदी तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है। लेकिन योजना केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए होने के चलते बड़ी संख्या में सामान्य वर्ग के लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। कैबिनेट ने योजना के नियमों में बदलाव को मंजूरी देने का फैसला किया, जिसके चलते अब सामान्य वर्ग के लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
कैबिनेट ने सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट के एक निसंवर्गीय पद को भी मंजूरी दी। सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट लेवल 11 के पद को पांच साल के लिए सृजन किया गया है, जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। साथ ही, बद्रीनाथ धाम में स्थित आईएसबीटी वॉल्स पर में मास्टर प्लान के अंतर्गत में म्यूरल आर्ट वार्क किया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है।
इसके अलावा कैबिनेट ने पशुपालन विभाग के अंतर्गत पशुधन प्रसार अधिकारियों के चयन की अवधि घटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। अभी चयन के बाद इन्हें दो साल तक का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण की अवधि को दो साल से घटाकर एक वर्ष किए जाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति व्यक्त की है।






