नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केन्द्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकास, युवा सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए व्यापक आर्थिक रूपरेखा का अनावरण किया। यह बजट विकास-अनुकूल और समावेशी कदमों से युक्त बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सता पक्ष के तमाम नेताओं ने इस बजट को देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला बताया है।
केन्द्रीय बजट 2026-27 की मुख्य बातें:
• पूंजीगत व्यय में वृद्धि: सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिससे आधारभूत ढांचे और व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
• बुनियादी ढांचे का विस्तार: देश भर में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों के माध्यम से कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा, जो आर्थिक केंद्रों और छोटे शहरों को जोड़ेंगे।
• नई आयकर प्रणाली: Income Tax Act, 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाने की योजना है, जिसने कर प्रणाली को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
• लघु उद्योगों को समर्थन: छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिये ₹10,000 करोड़ Growth Fund की घोषणा की गई, जिससे स्टार्ट-अप और व्यावसायिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
• तकनीकी और विनिर्माण योजनाएँ: सेमीकंडक्टर मिशन-2.0, बायोफार्मा शक्ति मिशन, टेक्सटाइल और रसायन पार्कों का विस्तार, तथा नोबल तकनीक निवेश की ओर बढ़े कदम शामिल हैं।
• कृषि तथा ग्रामीण विकास: कृषि तकनीक, डिजिटल कृषि उपकरणों का विस्तार और किसानों के लिये नई सहायता योजनाओं की घोषणा की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
• स्वास्थ्य और कल्याण: स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के सुधार तथा स्वास्थ्य-पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं का प्रावधान किया गया है।
बजट के सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु
• पूंजीगत व्यय: ₹12.2 लाख करोड़
• नई आयकर अधिनियम लागू: 1 अप्रैल 2026
• हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: 7 नए मार्ग
• MSME Growth Fund: ₹10,000 करोड़
• फोकस: रोजगार, तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य
यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को साकार करने का प्रयास है। उन्होंने बजट को समावेशी और देश की प्रगति को आगे बढ़ाने वाला बताया।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
यह बजट विकास, नवाचार और सामाजिक सुरक्षा जैसे तीन मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है। उन्होंने रोजगार सृजन और छोटे कारोबारियों को समर्थन देने पर ज़ोर दिया।
निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री ( बजट भाषण के दौरान)






