नई दिल्ली/पटना। पूर्वी भारत के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षण में एनडीए ने बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा में प्रचंड बहुमत की ओर कदम बढ़ाए हैं। देर रात तक एनडीए 202 सीटों पर अपनी बढ़त कायम रखी है। वहीं, महागठबंधन 35 सीटों के आसपास सिमटता हुआ दिख रहा है। अन्य दलों व निर्दलीय छह सीटों पर जीत तय करते दिख रहे हैं।
छह और 11 नवंबर को हुई बंपर वोटिंग के बाद माना जा रहा था कि बिहार की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है। इस चुनाव में बिहार के 67.14 फीसदी लोगों ने मतदान कर नया रिकॉर्ड कायम किया। एनडीए देर रात 202 सीटों पर बढ़त पर है, जबकि बहुमत के लिए मात्र 122 सीटों की ही जरूरत है।
कांग्रेस में एक और विभाजन का अंदेशाः पीएम मोदी
रुझानों में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर एक धड़ा लगातार हो रही नेगेटिव पॉलिटिक्स से खासा नाराज है। इसलिए यह आशंका है कि आगे कांग्रेस का एक और विभाजन हो सकता है।
बिहार की जीत से बंगाल में मिलेगा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार की इस जीत ने पूरे देश के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का काम किया है। बिहार की इस प्रचंड जीत ने गर्दा उड़ा दिया है। उन्होंने कहा कि इससे बंगाल के कार्यकर्ताओं का उत्साह भी सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अब कार्यकर्ता बंगाल में एनडीए सरकार लाने के लिए प्रयास करेगी।
बिहार की इस बड़ी जीत के कई मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव के परिणाम कई मायनों में संकेत देते हैं। पहले, इतनी ऊँची मतदान प्रतिशत ने मतदाता सक्रियता और मतदान के प्रति उत्साह को दर्शाया है। दूसरी ओर, वोट शेयर और सीटों के बीच अंतर यह दिखाता है कि सिर्फ वोट प्रतिशत से ज़्यादा महत्वपूर्ण था कि वह किस तरह से क्षेत्र-विशिष्ट सीटों में बदला गया। RJD के पास वोट शेयर अधिक था, लेकिन सीटों में उसे वह फायदा नहीं मिला।
तीसरी बात यह कि NDA-गठबंधन ने सामाजिक गठबन्धन (cast and community arithmetic), महिला मतदाता हिस्सेदारी और संगठनात्मक शक्ति का बेहतर इस्तेमाल किया। अंत में, यह जीत केंद्र-और-राज्य दोनों स्तरों पर NDA को राजनीतिक गति देती है — अगले लोकसभा एवं अन्य राज्यों के चुनावों के पूर्व यह एक पैनल बेंचमार्क बनेगी।
सीटवार यह रहा पार्टियों का प्रदर्शन
एनडीए- 202
भाजपा– 90
जदयू- 84
लोजपा (आर)– 19
अन्य– 9
महागठबंधन- 35
राजद– 25
कांग्रेस– 6
अन्य- 4






