देहरादून। उत्तराखंड ने इस वर्ष दिवाली के मौके पर वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। आधुनिक तकनीक, प्रशासनिक तत्परता और जनता के सहयोग से राज्य के प्रमुख शहरों की हवा पहले से कहीं अधिक स्वच्छ रही। इस बार अधिकांश शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मध्यम या संतोषजनक श्रेणी में रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा सुधार है।
यह सिर्फ शुरूआत, लक्ष्य पूरे साल साफ रहे हवाः सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल त्योहारों के दौरान नहीं, बल्कि पूरे सालभर स्वच्छ वायु सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष के परिणाम साबित करते हैं कि नवाचार, जनजागरूकता और सामूहिक भागीदारी से वास्तविक परिवर्तन संभव है।”
पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा सुधार
दिवाली 2024 में देहरादून और काशीपुर का AQI 269 (खराब श्रेणी) तक पहुंच गया था, जबकि ऋषिकेश का स्तर 175 (मध्यम) दर्ज किया गया था। इस वर्ष यह स्तर घटकर आधा रह गया। देशभर में भी उत्तराखंड की हवा अपेक्षाकृत साफ रही। जहाँ दिल्ली में इस बार AQI 351 (अत्यंत खराब), लखनऊ में 250, पटना में 226 और भोपाल में 235 (खराब श्रेणी) दर्ज किया गया, वहीं उत्तराखंड के शहरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि राज्य की स्वच्छ वायु और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
ड्रोन स्प्रिंकलिंग और जागरूकता ने किया कमाल
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) के अध्यक्ष आरके सुधांशु ने कहा, “इस वर्ष की स्वच्छ दिवाली सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। ड्रोन से जल छिड़काव, यांत्रिक स्वीपिंग मशीनें और विद्यालयों में चलाए गए जन-जागरूकता अभियानों ने ठोस असर दिखाया है।”
देहरादून में ड्रोन आधारित वॉटर स्प्रिंकलिंग के जरिए PM₁₀ स्तर को नियंत्रित किया गया, जबकि देहरादून और ऋषिकेश में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सहयोग से क्रय की गई यांत्रिक स्वीपिंग मशीनों ने सड़कों की धूल में उल्लेखनीय कमी की।
‘ग्रीन दिवाली-क्लीन दिवाली’ अभियान से बदली सोच
विद्यालयों और महाविद्यालयों में आयोजित अभियानों ने नागरिकों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया। सीमित पटाखा उपयोग से प्रदूषण में प्रत्यक्ष कमी आई। देहरादून और ऋषिकेश ने हाल ही में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है। यह सुधार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की रिपोर्ट में भी परिलक्षित हुआ है।
उत्तराखंड की यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब तकनीक, नीति और जनसहयोग एक साथ चलते हैं, तो प्रदूषण जैसे जटिल मुद्दों पर भी ठोस समाधान संभव है।
दिवाली 2025 में शहरवार AQI का स्तर
देहरादून: 128 (मध्यम)
ऋषिकेश: 54 (संतोषजनक)
टिहरी: 66 (संतोषजनक)
काशीपुर: 168 (मध्यम)
रुड़की: 190 (मध्यम)
हल्द्वानी: 198 (मध्यम)
नैनीताल: 111 (मध्यम)






