चम्पावत। जनता की शिकायतों पर केवल पत्राचार नहीं, धरातल पर समाधान होना चाहिए। जिला सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों को इसी जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने कुल 95 शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत किए। डीएम ने प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि आवेदन संबंधित विभाग को भेज देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। शिकायत के निस्तारण की नियमित निगरानी की जाए और यह भी देखा जाए कि कार्रवाई का वास्तविक लाभ संबंधित व्यक्ति तक पहुंचा या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जनसमस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए घेरबाड़ की मांग
जनता मिलन में खेती को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। ग्राम पल्सों के गिरधारी राम ने फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ और सोलर लाइट लगाने की मांग की। धुरचम के तोक न्याड़ी निवासी रमेश चन्द्र थ्वाल ने चेनलिंक फेंसिंग का अनुरोध किया।
बाड़ासुसेरा के सोबन सिंह ने आपदा से क्षतिग्रस्त भवन का मुआवजा दिलाने के साथ सोलर लाइट और तारबाड़ की मांग रखी। मौराड़ी के चन्द्रमणि जोशी ने भी फसलों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ कराने की जरूरत बताई। डीएम ने संबंधित विभागों को इन मामलों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीसी मार्ग और हेलीपैड निर्माण का प्रस्ताव भी पहुंचा
सिलिंगटाक की पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी ने सीसी मार्ग निर्माण की मांग उठाई। वहीं, मल्ली खटोली की सोनिया देवी ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव रखा।
जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को स्थल तथा आवश्यकता का परीक्षण करने को कहा। उन्होंने नियमानुसार प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
प्रमाण पत्र के लिए लोगों को न लगाने पड़ें चक्कर
कार्यक्रम में जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन भी आए। जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों को इन प्रकरणों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास, आपदा से क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा, सुरक्षा दीवार, आर्थिक सहायता, राशन कार्ड, पशुपालन, मत्स्य पालन, सड़क और पेयजल से जुड़ी समस्याएं भी रखी गईं। संबंधित अधिकारियों को इन आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
मौके पर बनाए गए आयुष्मान कार्ड
जनता मिलन के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए। इससे लोगों को कार्यक्रम स्थल पर ही स्वास्थ्य योजना से जुड़ी सुविधा मिल सकी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सभी 95 शिकायतों और आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। शिकायतों का निस्तारण कागजी प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय लोगों को वास्तविक राहत पहुंचाने पर ध्यान दिया जाए।






