हल्द्वानी। पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों के सम्मान में हल्द्वानी में आयोजित गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में सैनिक कल्याण से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में कहा कि सेना से सेवा निवृत्त होने के बाद भी सैनिक का राष्ट्र और समाज से रिश्ता समाप्त नहीं होता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश की सुरक्षा के लिए समर्पित करता है। ऐसे में उसे पूर्व सैनिक के बजाय आजीवन सैनिक की भावना से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक अपने अनुभव, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण से समाज को मजबूत बनाते हैं।
उत्तराखंड को बताया वीरों की धरती
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के साथ वीरभूमि के रूप में भी है। राज्य ने देश को दरबान सिंह नेगी, गबर सिंह नेगी, जनरल बीसी जोशी और जनरल बिपिन रावत जैसे अनेक सैनिक दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक परिवारों की समस्याओं और अपेक्षाओं को सरकार गंभीरता से समझती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सैनिकों, वीरांगनाओं तथा उनके आश्रितों के हितों को प्राथमिकता दे रही हैं। रक्षा क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन का भी उन्होंने उल्लेख किया।
गुनियाल गांव में सैन्य धाम लगभग तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। यह धाम उत्तराखंड के शहीदों और सैनिकों की वीरता को समर्पित होगा। सरकार का मानना है कि सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा और बलिदान की प्रेरणा देगा।
शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों के लिए फैसले
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण से जुड़े कई निर्णयों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है।
परमवीर चक्र विजेताओं के लिए एकमुश्त अनुदान दो करोड़ रुपये किया गया है। बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति से संबंधित आवेदन की समय-सीमा भी दो से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है।
सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट दिए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने दोहराई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सराहा योगदान
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड के सैनिकों का देश की सुरक्षा में योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों के विकास और सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
नितिन नवीन ने कहा कि देहरादून में बन रहा सैन्य धाम शहीदों और सैनिकों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक बनेगा।
सैनिक कल्याण मामलों के निस्तारण पर जोर
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों से जुड़े शिक्षा, रोजगार और अन्य कल्याणकारी प्रकरणों के समाधान के लिए विभाग काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, प्रताप बिष्ट, सुरेश भट्ट, ध्रुव रौतेला और जोगेंद्र रौतेला समेत अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिवार मौजूद रहे।






