देहरादून। उत्तराखंड में हृदय रोग और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने शनिवार को अस्पताल में 12 बेड के नए कार्डियोलॉजी विंग और इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण किया।
इन दोनों सुविधाओं के शुरू होने से गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के उपचार की व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। विशेष रूप से हृदय रोगियों को त्वरित जांच, निगरानी और उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
कार्डियोलॉजी विभाग में बढ़ी मरीजों के इलाज की क्षमता
दून मेडिकल कॉलेज में शुरू किया गया 12 बेड का कार्डियोलॉजी विंग हृदय रोग विभाग की उपचार क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। अब दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं के साथ पहुंचने वाले अधिक मरीजों को बेहतर ढंग से भर्ती कर इलाज और निगरानी की सुविधा दी जा सकेगी।
हृदय रोगियों के लिए समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में नए विंग से मरीजों को त्वरित और उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे राजधानी देहरादून के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले मरीज भी लाभान्वित होंगे।
गंभीर मरीजों के लिए नई इमरजेंसी सुविधा
अस्पताल परिसर में नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड भी शुरू कर दिया गया है। दुर्घटना, अचानक गंभीर बीमारी और अन्य आपात स्थितियों में पहुंचने वाले मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
नई व्यवस्था से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की संख्या संभालने और उन्हें समयबद्ध उपचार देने की क्षमता बढ़ेगी। अस्पताल प्रशासन को गंभीर मरीजों की प्राथमिक देखभाल, जांच और आगे के उपचार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी।
उत्तराखंड में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा की नई शुरुआत
दून मेडिकल कॉलेज ने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान राज्य का पहला मेडिकल कॉलेज बनने की दिशा में आगे बढ़ा है, जहां सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
एमसीएच यूरोलॉजी सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के पहले दो अभ्यर्थियों डॉ. विशाल सिंह और डॉ. इकबाल अली को प्रवेश एवं ज्वाइनिंग पत्र प्रदान किए गए। इस शुरुआत को उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के शुरू होने से भविष्य में जटिल रोगों के उपचार के लिए राज्य में ही अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार हो सकेंगे। इसका सीधा लाभ मरीजों को बेहतर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के रूप में मिलने की उम्मीद है।
राज्य से बाहर जाने की मजबूरी कम करने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि दून मेडिकल कॉलेज में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा का विस्तार उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकार का प्रयास है कि गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को राज्य से बाहर जाने की मजबूरी कम हो।
उन्होंने कहा कि संस्थान में आधारभूत सुविधाओं के विकास, विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए निरंतर काम किया जाएगा। इससे एक ओर मरीजों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा।
नई सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की भी तैयारी
चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक और विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि दून मेडिकल कॉलेज में मरीजों को उच्च गुणवत्ता का उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत ढांचे और मानव संसाधन को मजबूत करने पर काम जारी है। आने वाले समय में संस्थान में अन्य नई सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू करने के लिए भी योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।






