देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति के वरिष्ठ और सम्मानित चेहरों में शामिल पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट का रविवार देर रात निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। देर रात सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें देहरादून के ईसी रोड स्थित सिटी हार्ट अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनका निधन हृदयाघात (हार्ट अटैक) से हुआ। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
उत्तराखंड की राजनीति के मजबूत स्तंभ थे हीरा सिंह बिष्ट
हीरा सिंह बिष्ट लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन के बाद राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे तीन बार विधायक चुने गए और एनडी तिवारी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। श्रमिकों, कर्मचारियों और आम लोगों के मुद्दों को मुखरता से उठाने वाले नेताओं में उनकी पहचान रही। वह इंटक के अध्यक्ष भी रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।
आवास पर उमड़ा श्रद्धांजलि देने वालों का सैलाब
निधन की सूचना मिलते ही उनके सेवक आश्रम रोड स्थित आवास पर नेताओं, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति की अपूरणीय क्षति बताया।
नालापानी श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद हीरा सिंह बिष्ट की अंतिम यात्रा उनके आवास से निकाली गई। परिजनों, समर्थकों और सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार देहरादून के नालापानी श्मशान घाट में संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी और उनके योगदान को याद किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अंतिम संस्कार में भाग लेकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
हर दल के नेताओं ने जताया बिष्ट के निधन पर शोक
हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। सभी ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने एक अनुभवी और जनप्रिय नेता को खो दिया है। सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक सादगीपूर्ण नेता के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे
हीरा सिंह बिष्ट को उनके सहज स्वभाव, स्पष्टवादिता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता था। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं के साथ उनके मधुर संबंध थे। उत्तराखंड की राजनीति में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से राज्य के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।






