देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति शुक्रवार को उस समय पूरी तरह युवाओं के मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आई, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राजधानी देहरादून पहुंचे। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने हजारों छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करते हुए बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए।
राजधानी के बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कार्यक्रम को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के सबसे बड़े युवा संपर्क अभियान के रूप में देखा जा रहा है। राहुल गांधी के आगमन से पहले ही देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक स्वागत की व्यापक तैयारियां की गई थीं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता बसों, कारों और दोपहिया वाहनों से राजधानी पहुंचे। कार्यक्रम स्थल के बाहर सुबह से ही समर्थकों की लंबी कतारें लग गई थीं।
सबसे पहले मृतक कार्यकर्ता के घर पहुंचे
देहरादून पहुंचने के बाद राहुल गांधी सबसे पहले बृहस्पतिवार को दुर्घटना में मारे गए कांग्रेस कार्यकर्ता अमर सिंह मेहता के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी। अमर सिंह मेहता एक दिन पहले (बृहस्पतिवार शाम को) राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए तैयार किए जा रहे बन्नू ग्राउंड में पहुंचे थे। उस दौरान लगाए जा रहे टेंट का एक एल्यूमिनियम का पोल उनके ऊपर गिर गया। उपचार के लिए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका निधन हो गया।
युवाओं की आवाज बने राहुल गांधी
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा छात्रों के साथ सीधा संवाद रहा। प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक, रिक्त पदों पर नियुक्ति न होने और रोजगार के सीमित अवसरों जैसी समस्याएं राहुल गांधी के सामने रखीं।
राहुल गांधी ने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य किसी भी कीमत पर भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्तियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखंड का युवा रोजगार, शिक्षा और बेहतर अवसर चाहता है, लेकिन उसे लगातार निराशा हाथ लग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवाद युवाओं के भरोसे को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के मुद्दों को सड़क से संसद तक मजबूती से उठाती रहेगी।
कांग्रेस प्रदेश संगठन ने दिखाई ताकत
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, विधायकों, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और सेवादल के पदाधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी रही। कांग्रेस ने इस आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी युवाओं के मुद्दों को लेकर पूरे संगठन के साथ मैदान में है।
विधानसभा चुनाव से पहले मिली संजीवनी
राहुल गांधी के इस दौरे से प्रदेश में कांग्रेस को संजीवनी देने का काम किया है। लगातार दो विधानसभा चुनाव में पिछड़ी पार्टी इस बार वापसी करने को बेकरार है। इसको लेकर तैयारियां भी चल रही हैं। हालांकि भाजपा के मुकाबले कांग्रेस संगठन धरातल पर उतना मजबूत नजर नहीं आता लेकिन राहुल के आने से संगठन में नई जान आ गई है।
वैसे भी यह दौरा केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि पार्टी आगामी चुनावों से पहले संगठन को सक्रिय करने और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। आने वाले महीनों में रोजगार, शिक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दे उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में बने रहने की संभावना है।






