देहरादून। राजधानी देहरादून में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी, जो सीधे तौर पर रोजगार, शिक्षा, परिवहन और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और अधिकांश को स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने फैसलों की जानकारी साझा की।
कैबिनेट के निर्णयों में वन विभाग से जुड़े बदलाव सबसे प्रमुख माने जा रहे हैं। सरकार ने वन दरोगा और वन आरक्षी की भर्ती नियमावली में संशोधन करते हुए आयु सीमा और शैक्षिक योग्यता को अपडेट किया है। अब वन दरोगा बनने के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य होगी, जबकि आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई है। वन आरक्षी के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 25 वर्ष कर दी गई है। इस फैसले को युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने और विभाग की कार्यक्षमता सुधारने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
परिवहन क्षेत्र में सरकार ने बड़ा विस्तार करते हुए 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी है। पहले यह संख्या 100 थी, लेकिन जीएसटी दर घटने के बाद सरकार ने इसे बढ़ा दिया। इससे राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुंभ मेला से जुड़े विकास कार्यों के लिए भी प्रक्रिया को सरल किया गया है। अब एक करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी स्तर पर ही स्वीकृत हो सकेंगे, जबकि पांच करोड़ तक के प्रस्ताव मंडलायुक्त और उससे ऊपर के कार्य शासन स्तर से मंजूर होंगे। इसके साथ ही मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 के तहत प्रवर्तन अधिकारियों के लिए वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे जवाबदेही और पहचान सुनिश्चित होगी।
शिक्षा क्षेत्र में मदरसों की मान्यता को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला स्तर से मान्यता मिलेगी, जबकि उच्च कक्षाओं के लिए राज्य बोर्ड की मंजूरी जरूरी होगी। सरकार जल्द ही इस संबंध में अध्यादेश लाने की तैयारी में है।
कार्मिक मामलों में भी स्पष्टता लाई गई है। अब प्रतीक्षा सूची तभी मान्य मानी जाएगी, जब एक वर्ष के भीतर नियुक्ति दे दी जाए। वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की योग्यता तय करने वाली नियमावली को भी हरी झंडी दी गई है।
लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े मामलों में दिव्यांग वर्ग के रिक्त पद भरने और नए पद सृजन को मंजूरी मिली है। साथ ही ठेकेदारी व्यवस्था में बदलाव करते हुए डी श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई है।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाकर 21 अशासकीय कॉलेजों तक कर दिया गया है, जिससे शोध गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने वन क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन आधारित नई नीति को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष, खासकर हाथी-मानव टकराव को कम करना है।
इसके अलावा उप खनिज परिहार नियमावली में संशोधन करते हुए रॉयल्टी दर 7 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दी गई है, जिससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होने की संभावना है।






