नई दिल्ली। नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध किया। कर्तव्य भवन में हुई इस बैठक में उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, आपदाजन्य संवेदनशीलता और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल से नवंबर तक संचालित होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, जिससे व्यावसायिक एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस अवधि में राज्य को लगभग 9 लाख 67 हजार 949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने कहा कि यही समय प्रदेश के लिए पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए एलपीजी आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मानसून अवधि के दौरान राज्य की आपदा संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए बताया कि जून से सितंबर के बीच उत्तराखंड को हर वर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस की उपलब्धता बेहद आवश्यक होती है। इसे देखते हुए उन्होंने व्यावसायिक सिलेंडरों का अतिरिक्त 5 प्रतिशत, यानी लगभग 48 हजार 397 सिलेंडरों का अतिरिक्त आवंटन सुनिश्चित किए जाने का भी अनुरोध किया, ताकि आपदा प्रबंधन कार्यों को प्रभावी और त्वरित रूप से संचालित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन और साहसिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। चारधाम यात्रा न केवल आस्था और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है। उन्होंने प्रदेश में घरेलू गैस की आपूर्ति भी निर्बाध बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार राज्य के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।






