गैरसैंण/देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703 करोड़ के इस बजट को राज्य के सर्वांगीण विकास और संतुलित आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित बताया गया है। सरकार ने बजट को गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर आधारित विकास मॉडल से जोड़ते हुए राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना जरूरी है, इसलिए बजट में इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार के अनुसार यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में तैयार किया गया है। साथ ही महिला सशक्तिकरण, पोषण, कृषि विविधीकरण और पर्वतीय क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए भी कई योजनाओं के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है।
बजट में कृषि और पशुपालन से जुड़े कार्यक्रमों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मिशन एप्पल, ट्राउट उत्पादन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग योजनाओं में धनराशि आवंटित की गई है, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
युवाओं के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं को भी बजट में महत्व दिया गया है। सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पलायन रोकथाम योजना और ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए धनराशि निर्धारित की है। शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
महिला सशक्तिकरण और पोषण योजनाओं को भी बजट में प्रमुख स्थान मिला है। नंदा गौरा योजना, मातृत्व वंदना योजना और महिलाओं के स्वास्थ्य-पोषण से संबंधित कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार ने बजट में आधारभूत ढांचे, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का भी संकेत दिया है। राज्य के पर्वतीय भूगोल को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
बजट की प्रमुख बड़ी बातें
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने लगभग ₹1.11 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिसे राज्य के इतिहास में बड़े बजटों में से एक माना जा रहा है। यह बजट समावेशी विकास और आर्थिक संतुलन पर आधारित बताया गया है।
‘GYAN’ मॉडल पर आधारित विकास
सरकार ने बजट को ‘GYAN’ मॉडल पर आधारित बताया है, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास की चार मुख्य धुरी माना गया है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
मिशन एप्पल के लिए लगभग ₹42 करोड़, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए करीब ₹39.90 करोड़ और दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने के लिए लगभग ₹32 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
युवाओं के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए लगभग ₹60 करोड़, पलायन रोकथाम योजना के लिए ₹10 करोड़ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के लिए करीब ₹62.29 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
महिला सशक्तिकरण और पोषण योजनाएं
नंदा गौरा योजना के लिए लगभग ₹220 करोड़, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए करीब ₹47.78 करोड़ तथा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए लगभग ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।






