देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने लैंड बैंक बढ़ाने और लंबित आवासीय योजनाओं को गति देने पर अपना फोकस और मजबूत किया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई गई और अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण प्रगति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं में अनावश्यक देरी अब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।
मार्च 2026 तक पूरा करें आवासीय योजनाओं का काम
बैठक में धौलास आवासीय योजना में निर्माणाधीन ईडब्ल्यूएस यूनिटों की स्थिति की समीक्षा विशेष रूप से की गई। उपाध्यक्ष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी यूनिटों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसी क्रम में आमवाला तरला आवासीय योजना में फ्लैटों के आवंटन की प्रक्रिया भी मार्च 2026 तक शुरू करने के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि ये योजनाएँ सीधे सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों से जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयसीमा का कड़ाई से पालन आवश्यक है।
कम्पाउंडिंग और मानचित्र निस्तारण में लाएं तेजीः वीसी
बैठक में सभी सेक्टरों के सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को प्रत्येक माह कम से कम पाँच पत्रावलियाँ कम्पाउंडिंग करते हुए निस्तारित करने का लक्ष्य दिया गया। अन्य लंबित मानचित्र पत्रावलियों को भी समय पर निस्तारित करने के निर्देश जारी किए गए, ताकि नागरिकों की फाइलें बिना देरी के निपटाई जा सकें। इसी के साथ लैंड पूलिंग नीति के तहत भूमि क्रय की प्रक्रिया को तेज करने और उपयुक्त भूखंडों के चयन पर भी जोर दिया गया, ताकि प्राधिकरण का लैंड बैंक बढ़ाया जा सके और भविष्य की योजनाओं को भूमि उपलब्धता के आधार पर मजबूत किया जा सके।
दिसंबर के पहले हफ्ते में होगा पार्कों का संयुक्त निरीक्षण
बैठक में यह भी निर्धारित किया गया कि देहरादून जनपद में एमडीडीए द्वारा निर्मित और निर्माणाधीन पार्कों का संयुक्त निरीक्षण उपाध्यक्ष एवं सचिव द्वारा दिसंबर के पहले सप्ताह में किया जाएगा। उपाध्यक्ष तिवारी ने कहा कि हरित क्षेत्र, पार्क और सार्वजनिक स्थल नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके निर्माण में गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
बैठक में प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, मुख्य अभियंता एससीएस राणा, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता गण, सहायक अभियंता, अवर अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






