Sunday, September 6, 2026
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मुख्यमंत्री धामी ने की गोवर्धन पूजा, प्रदेश की खुशहाली व गौ-संवर्धन की कामना, गौ संरक्षण पर दिया जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि व जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्य और पशु के बीच के प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने रहने का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। गौमाता सनातन संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि गौ-सेवा और गौ-संवर्धन न केवल धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ है बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आजीविका और आत्मनिर्भरता से भी गहराई से संबंधित है। कई परिवारों का जीवन गो-पालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़ा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

गौशालाओं को मिलेगा अधिक सहयोग, ₹80 प्रति पशु प्रतिदिन

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पहले निराश्रित पशुओं के भरण-पोषण के लिए ₹5 प्रति पशु प्रति दिन की दर से सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹80 प्रति पशु प्रति दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि निजी गौशालाओं के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार 60 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान लेकर आई है।

राज्य में 54 नए गौ सदनों का निर्माण कार्य जारी

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश की देखरेख के लिए 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी जिले में कोई भी गोवंश बेसहारा न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगे भी गौ संरक्षण, गो-सेवा और गोशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

“गाय हमारी संस्कृति की आत्मा है”- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “गाय केवल हमारी धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है। उसकी सेवा से समाज में समृद्धि, शांति और संवेदनशीलता बढ़ती है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे गायों की सेवा और संरक्षण के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर प्रयास करें, जिससे उत्तराखंड में गो-संवर्धन आंदोलन और सशक्त हो।

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