Thursday, July 23, 2026
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धराली और हर्षिल में दूसरे दिन जोर-शोर से चला रेस्क्यू अभियान, सीएम धामी भी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे

धराली/हर्षिल/उत्तरकाशी/देहरादून। उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल में मंगलवार को आई आपदा के बाद बुधवार को दूसरे दिन भी खोज, बचाव और राहत कार्य जारी रहे। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और उन्होंने प्रभावितों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने दुख बांटा और हर संभव मदद का भरोसा दिया। वहीं, पीएमओ और गृह मंत्रालय भी पूरे रेस्क्यू अभियान पर नजर बनाए हुए है।

धराली में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, बीआरओ और पुलिस प्रशासन के साथ ही अन्य एजेंसियां भी रेस्क्यू अभियान में लगी हुई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी बुधवार को खराब मौसम के बावजूद  आपदा ग्रस्त क्षेत्र पहुंचे और पीड़ितों व प्रभावितों से मुलाकात की। सीएम ने बचाव और राहत अभियान में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। मौसम खराब होने और सड़कें बंद होने के कारण रेस्क्यू टीमों को खासी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया अपडेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुधवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की और प्राकृतिक आपदा व इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।  लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

सीएम धामी खराब मौसम में पहुंचे धराली

सीएम पुष्कर सिंह धामी भी बुधवार सुबह प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।

वायु सेना भी मुस्तैद, चिनूक, एमआई 17 तैनात

राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चंडीगढ़, सरसावा और आगरा से दो चिनूक और दो एमआई – 17 हेलीकॉप्टर, बुधवार तड़के ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उपलब्ध करा दिए। सड़क यातायात बहाल करने के लिए चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी भी पहुंचाई जा रही है। बचाव अभियान में सेना के 125 अधिकारी और जवान, आईटीबीपी के 83 अधिकारी और जवान भी लगे हुए हैं। इधर, बीआरओ के छह अधिकारी, 100 से अधिक मजदूरों के साथ बाधित सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं।

दून और ऋषिकेश एम्स में बेड आरक्षित

स्वास्थ्य विभाग ने आपदा में घायलों को उपचार प्रदान करने के लिए दून मेडिकल कॉलेज, कोरोनेशन जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में बेड आरक्षित किए हैं। साथ ही, विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल भी उत्तरकाशी के लिए रवाना किया गया है। विशेष रूप से मनोचिकित्सक भी आपदाग्रस्त क्षेत्र में भेजे गए हैं।

झाला – हर्षिल में राहत शिविर शुरू

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सेना, आईटीबीपी के साथ ही एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व विभाग की टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने इंटर कॉलेज हर्षिल, जीएमवीएन और झाला में राहत शिविर प्रारंभ किए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में बिजली और संचार नेटवर्क को बहाल किए जाने के प्रयास भी युद़धस्तर पर किए जा रहे हैं। एनआईएम और एसडीआरएफ लिम्चागाड में अस्थायी पुल निर्माण में भी जुट गई है। राज्य सरकार मंगलवार शाम को ही तीन आईएएस अधिकारियों के साथ ही दो आईजी और तीन एसएसपी स्तर के आईपीएस को राहत एवं बचाव अभियान में समन्वय के लिए उत्तरकाशी रवाना कर चुकी है।

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