Monday, September 7, 2026
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अग्निवीर की शादी को लेकर उपजे कई सवाल, लड़कियों की दिलचस्पी घटी

चुनावी मुद्दा- अग्निवीर की शादी पर सवाल खड़े करते व्यंग्यात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल

तो क्या अब सड़क किनारे दौड़ते व कसरत करते युवा नहीं दिखते

कांग्रेस के घोषणापत्र में अग्निवीर योजना को समाप्त कर सेना में रेगुलर भर्ती शुरू करने का वादा

देहरादून। अग्निवीर योजना के परिणाम से उपजे हालात को भांपते हुए कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इसे समाप्त करने की बात कह कर फौजी परिवारों को लुभाने की कोशिश की है। उत्तराखण्ड की आर्थिकी व सम्मान से जुड़ी सेना की नौकरी को लेकर कांग्रेस हमलावर हो रखी है। लेकिन भाजपा प्रत्याशी व केंद्रीय नेताओं ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधी हुई है। अग्निवीर योजना में भर्ती होने वाले युवाओं के अनिश्चित भविष्य को लेकर भी अभिभावकों में चिंता गहरा रही है। कांग्रेस ने इन अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य व शादी को लेकर शंका भी जताई है।

पौड़ी गढ़वाल के सुदूर इलाके में सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि अब गांव की सड़कों और पगडंडियों में दौड़ लगाते युवक नहीं दिख रहे। अग्निवीर के मानकों की वजह से मात्र चार साल की गारंटी वाली सेना की नौकरी से युवाओं का मोह भंग हो रहा है। वे कहते हैं कि पहले सड़क के किनारे दौड़ते व कसरत करते युवक नजर आ जाते थे लेकिन अब इनकी संख्या घट गई है।

उधर, अग्निवीरों की शादी को लेकर सोशल मीडिया में भी कई कार्टून व वीडियो वॉयरल हो रहे हैं। जिसमें पहाड़ की लड़की कहती है कि वो अग्निवीर से शादी नहीं करेगी। जबकि पहाड़ में फौजी से शादी करना सम्मान की बात मानी जाती थी। अब कई पूर्व सैनिक भी अपनी बेटी का रिश्ता अग्निवीर से करने में कतरा रहे हैं। बीते दिनों कई अग्निवीर की शादी को लेकर उपजे संकट मीडिया की खबर भी बनी है।

यही नहीं,पीएम मोदी 73 साल के बाद भी एक और मौका दिए जाने की बात करने व अग्निवीर के 22 साल की उम्र में नौकरी से हट जाने को लेकर भी व्यंग्यात्मक वीडियो सोशल मीडिया की सुर्खियां बने हुए है। जनता का कहना है कि भर्ती होने के बाद भी असुरक्षित भविष्य को लेकर अग्निवीर की शादी को लेकर संकट खड़ा हो गया है। कौन अग्निवीर को नौकरी देगा ?

कांग्रेस के नेता अपनी जनसभाओं में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाते हुए कहा रहे हैं कि मात्र चार साल की नौकरी की गारंटी देने वाली अग्निवीर योजना से पहाड़ में अब रिटायर सूबेदार,हवलदार व ऑनरेरी कैप्टेन देखने को नहीं मिलेंगे। लगभग 15-20 साल की सेना की नौकरी के बाद सूबेदार,हवलदार व ऑनरेरी कैप्टेन के पद से रिटायर होते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

इधर, कांग्रेस ने जनता की नाराजगी को भाँपते हुए मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी अग्निवीर योजना को  सत्ता में आने के बाद समाप्त करने की बात कही है। और कहा कि सेना में पूर्व की तरह रेगुलर भर्ती की जाएगी। और कांग्रेस अग्निवीर योजना पर भाजपा नेताओं की चुप्पी को भुनाने की कोशिश में जुटी हुई है। इस लोकसभा चुनाव के इस बड़े मुद्दे पर भाजपा पर कांग्रेस,उक्रांद समेत अन्य विपक्षी दलों के हमले तेज होते जा रहे हैं।

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