Thursday, July 23, 2026
Home फीचर गोल्ड क्यों चमक उठा?

गोल्ड क्यों चमक उठा?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक औंस सोने का भाव 2100 डॉलर से ऊपर चला गया है। सोने के भाव में इस बढ़ोतरी के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत ने भी रिकॉर्ड बनाया है। इन दोनों घटनाओं में आपसी रिश्ता है। दुनिया भर में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। भारत में प्रति दस ग्राम (24 कैरेट) सोने का भाव 65 हजार रुपये के पार चला गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक औंस सोने का भाव 2100 डॉलर से ऊपर चला गया। सोने के भाव में इस बढ़ोतरी के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत ने भी रिकॉर्ड बनाया है। एक बिटकॉइन की कीमत 69 हजार डॉलर पार कर गई है। इन दोनों घटनाओं में आपसी रिश्ता है।

यह इस बात का संकेत हैं कि दुनिया भर में निवेशक अमेरिकी वित्तीय संपत्तियों से पैसा निकाल कर अधिक मुनाफा देने वाली या अधिक भरोसेमंद संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं। इसका तात्कालिक कारण यह बताया है कि अमेरिका का फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करने वाला है, जिससे अमरेरिकी ट्रेजरी बिल, बॉन्ड आदि में निवेश पर मुनाफा घट जाएगा। लेकिन यह सिर्फ फौरी वजह है। जबकि सोने में पैसा लगाना एक दीर्घकालिक रुझान बन चुका है। सोने की सबसे ज्यादा मांग चीन में बढ़ी है, जहां का शेयर बाजार सरकारी नीतियों के कारण अनिश्चय में है।

ऐसे में निवेशक सोने का सहारा ले रहे हैं। अमेरिका में बड़ी कंपनियों के शेयरों के भाव फिलहाल रिकॉर्ड बना रहे हैं, लेकिन आशंका यह है कि वहां एक बबूला तैयार हो रहा है, जिसका देर-सबेर फूटना तय है। वैसे भी अमेरिका सरकार पर तेजी से बढ़ते कर्ज कारण पूरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बारे में इस समय कयासों का दौर है। एक आकलन के मुताबिक अमेरिका सरकार पर हर 100 दिन पर एक बिलियन डॉलर का कर्ज बढ़ रहा है।

जल्द यह स्थिति आने वाली है, जब अमेरिका को हर साल एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक रकम सिर्फ ब्याज के रूप में चुकानी होगी। इस पर आम राय है कि यह स्थिति टिकाऊ नहीं है। लेकिन इसका कोई सहज समाधान भी नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में अमेरिकी मुद्रा डॉलर में भरोसा घटना लाजिमी है। खासकर उस समय तो और भी ज्यादा जब ब्रिक्स समूह अंतरराष्ट्रीय कारोबार में इस मुद्रा का विकल्प तैयार करने में गंभीरता से जुटा हुआ है। परिणाम है सोने का और चमक उठना।

RELATED ARTICLES

जाम में जकड़ा उत्तराखंड: बड़े शहरों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर जाम की समस्या बनी नासूर

अनिल चन्दोला देहरादून। शांत पहाड़ों, निर्मल नदियों और आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या...

विकास के दावों के बीच भूख की त्रासदी झेलने के लिए लोग मजबूर

 विश्‍वनाथ झा यह अपने आप में एक बड़ा विरोधाभास है कि जिस दौर में दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के चमकते आंकड़ों के जरिए लगातार विकास...

 बोतलबंद पानी नहीं, जहर पी रहे हैं हम  

ज्ञानेन्द्र रावत आधुनिक जीवनशैली के तहत हम सभी अपने जीवन को सुखमय बनाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास कर रहे हैं। वह चाहे भौतिक सुख...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज निकिता, काजल और आरती ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाली पिथौरागढ़ की तीन महिला मुक्केबाजों को मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह...

देहरादून महायोजना-2041: जनसुनवाई में उमड़े नागरिक, यातायात, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं पर दिए अहम सुझाव

देहरादून। वर्ष 2041 तक देहरादून को सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रही...

वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की शोधपरक पुस्तक ‘कण्वाश्रम-भरत से भारतवर्ष’ का भव्य समारोह में विमोचन

कोटद्वार। सैनिक सम्मान समारोह के दौरान उत्तराखंड के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शोधपरक पुस्तक 'कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष' का भव्य लोकार्पण...

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: हाई अलर्ट पर सरकारी मशीनरी, देहरादून सहित कई जिलों में स्कूल बंद

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर आक्रामक होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को राज्य के कई...

Recent Comments