Monday, June 22, 2026
Home ताजा खबर महंगाई का झटका- घर बनाना होगा अब पहले से ज्यादा महंगा

महंगाई का झटका- घर बनाना होगा अब पहले से ज्यादा महंगा

देहरादून। अपना मकान बनाने वाले लोगों को महंगाई का झटका लगने जा रहा है। घन बनान अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। रेत-बजरी के मनमाने दामों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। दरअसल, शहर में सालभर से रेत-बजरी 30 से 40 फीसदी अधिक कीमतों पर मिल रही है। सीमेंट और डस्ट के दाम भी हाल ही में बढ़े थे। वहीं, लेबर कॉस्ट में भी 100 रुपये रोजाना की बढ़ोतरी हुई है। नतीजतन, शहर में भवन निर्माण की लागत 10 फीसदी तक बढ़ गई है।

देहरादून क्षेत्र की नदियों में कुछ समय पहले तक खनन बंद था। हाल ही में सौंग, जाखन और दूसरी नदियों में खनन शुरू हुआ, लेकिन उप खनिज की कीमतें कम नहीं हुई। शहर में क्रशर नहीं होने से हिमाचल और यमुना नदी की रेत बजरी की डिमांड ज्यादा है। ठेकेदारों को हिमाचल से उप खनिज मंगवाना पड़ रहा है। कांट्रेक्टर प्रकाश जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में रेत-बजरी 140 रुपये कुंतल तक है, यह पूर्व में 90 रुपये कुंतल तक थी। उन्होंने बताया कि इससे ठेकेदारों को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले सीमेंट 20 रुपये प्रति बैग महंगा हुआ था। प्रति हजार ईंटें भी बढ़कर 7500 से अधिक की हो गई थी।

20 लाख रुपये का मकान 22 लाख में बन रहा
देहरादून में भवनों की लागत 10 फीसदी तक बढ़ गई है। कॉन्ट्रेक्टर प्रशांत ने बताया कि एक साल पहले 100 गज में यदि कोई घर 20 लाख में बनकर तैयार हो जाता था, वह आज 21.50 लाख से 22 लाख रुपये तक पड़ रहा है। ऐसे ही 50 लाख रुपये के मकान की लागत पांच लाख रुपये तक बढ़ गई है।

लेबर कॉस्ट भी सौ रुपये तक बढ़ गई
महंगाई के दौर में भवन निर्माण में लगे मजदूरों ने भी अपना महनताना बढ़ाया है। भवनों की लागत पर इसका भी असर है। करीब दो महीने पहले भवन निर्माण में लगे मजदूर 500 रुपये रोजाना के हिसाब से दिहाड़ी लेते थे। वर्तमान में यह 600 रुपये तक दिहाड़ी हो गई है। इसी प्रकार मिस्त्री की दिहाड़ी 650 से बढ़कर 750 रुपये रोजाना हो गई है।

RELATED ARTICLES

मजबूरियों ने पढ़ाई छुड़वाई, लेकिन हौसले नहीं टूटे। अब सैनिक से अफसर बनने जा रहे पौड़ी के मनदीप

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर सपनों को सच करना आसान नहीं होता। आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सीमित संसाधन अक्सर...

बिग ब्रेकिंगः उत्तराखंड में ऑर्गेनिक खेती पर संकट, USOCA ने सस्पेंड किए 90 हजार से ज्यादा ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट

अनिल चन्दोला देहरादून। उत्तराखंड सरकार के पिछले कई वर्षों से प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड...

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर, तीन दिन का राजकीय शोक

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

विकसित भारत रोजगार योजना से रोजगार पाने और देने वालों को मिल रहा फायदा, 19 जून को राष्ट्रीय कार्यक्रम

देहरादून। देश में रोजगार सृजन को गति देने और युवाओं को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विकसित...

11 साल बाद खुला किसाऊ बांध परियोजना का रास्ता, उत्तराखंड-हिमाचल समेत छह राज्यों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। उत्तर भारत की बहुप्रतीक्षित किसाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को लेकर वर्षों से चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। विभिन्न कारणों से...

जाम में जकड़ा उत्तराखंड: बड़े शहरों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर जाम की समस्या बनी नासूर

अनिल चन्दोला देहरादून। शांत पहाड़ों, निर्मल नदियों और आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या...

एसडीजी में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, देशभर में 10वें से पहले स्थान पर पहुंचा, जिलों में रुद्रप्रयाग अव्वल

देहरादून। उत्तराखंड ने नीति आयोग के एसडीजी (Sustainable Development Goals) इंडिया इंडेक्स में बड़ी छलांग लगाई है। पिछली रैंकिग में 10वें स्थान पर रहा...

Recent Comments