Thursday, May 21, 2026
Home लाइफ स्टाइल गर्मी में ‘लाल सोना’ बना तरबूज, बाजार में डिमांड के साथ सोशल...

गर्मी में ‘लाल सोना’ बना तरबूज, बाजार में डिमांड के साथ सोशल मीडिया पर डर और अफवाह भी बढ़ी

हेल्थ डेस्क, जनप्रतिनिधि डॉट कॉम। 

भीषण गर्मी के बीच देशभर में तरबूज की मांग तेजी से बढ़ी है। सड़क किनारे ठेलों से लेकर मंडियों और सुपरमार्केट तक हर जगह तरबूज की बिक्री चरम पर है। लेकिन इस बार सिर्फ मिठास और ठंडक ही चर्चा में नहीं है। तरबूज को लेकर बाजार में डर, अफवाह, मिलावट और किसानों की चिंता भी साथ-साथ चल रही है। कहीं इंजेक्शन वाले तरबूज की चर्चा है, कहीं खराब फल खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं, तो कहीं किसान अच्छे दाम मिलने की उम्मीद में खेती बढ़ा रहे हैं।

मांग बढ़ी, किसानों की उम्मीदें भी बढ़ीं

गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इस बार तरबूज की खेती बड़े स्तर पर हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च से जून के बीच तरबूज सबसे ज्यादा बिकने वाला मौसमी फल बन जाता है। सोशल मीडिया और कृषि चैनलों पर “60 दिन में लाखों की कमाई” जैसे दावे भी खूब वायरल हो रहे हैं, जिससे कई किसान इसकी खेती की ओर आकर्षित हुए हैं।

गुजरात के महुआ, जूनागढ़ और भावनगर क्षेत्रों के तरबूज की मांग इस बार काफी चर्चा में रही। व्यापारियों के अनुसार कई मंडियों में शुरुआती सीजन में किसानों को अच्छे दाम मिले, हालांकि बाद में कई जगह आवक बढ़ने से कीमतों पर दबाव भी देखने को मिला।

इंजेक्शन वाले तरबूज का डर भी बढ़ा

इस बार सबसे ज्यादा चर्चा “इंजेक्शन वाले तरबूज” को लेकर रही। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए जिनमें दावा किया गया कि तरबूज को लाल और मीठा दिखाने के लिए उसमें केमिकल या रंग इंजेक्ट किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में तमिलनाडु में संदिग्ध तरबूज जब्त किए जाने का भी जिक्र सामने आया।

हालांकि खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर लाल तरबूज मिलावटी नहीं होता। कई बार प्राकृतिक रूप से भी गूदा गहरा लाल होता है। लेकिन बाजार में नकली चमक और कृत्रिम मिठास को लेकर लोगों में डर जरूर बढ़ा है। इसी वजह से कई शहरों में ग्राहक तरबूज खरीदते समय काटकर देखने की मांग कर रहे हैं।

कैसे पहचानें संदिग्ध तरबूज?

  • बहुत ज्यादा चमकदार लाल रंग
  • असामान्य रूप से मीठा स्वाद
  • गूदे में अलग तरह की रेखाएं या दाग
  • काटने पर केमिकल जैसी गंध
  • बहुत जल्दी गलना या पानी छोड़ना

बीमारियों की घटनाओं से बढ़ी चिंता

हाल के दिनों में तरबूज खाने के बाद लोगों के बीमार पड़ने की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक परिवार के कई सदस्य तरबूज खाने के बाद बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई।

मुंबई और नोएडा से भी ऐसी खबरें सामने आईं जिनके बाद कई इलाकों में तरबूज की बिक्री पर असर पड़ा। कुछ व्यापारियों ने दावा किया कि अफवाहों के कारण बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आई।

हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि हर बीमारी का कारण सिर्फ तरबूज नहीं होता। गलत तरीके से कटे फल, खुले में रखे खाद्य पदार्थ और गर्मी में बैक्टीरिया बढ़ने से भी फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

लू के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाला फल

भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण तरबूज की मांग लगातार बनी हुई है। डॉक्टर और डाइटिशियन भी लोगों को पानी से भरपूर फल खाने की सलाह दे रहे हैं। तरबूज में पानी की मात्रा 90 प्रतिशत से अधिक होती है, इसलिए इसे गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाला फल माना जाता है।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी ने इसकी बिक्री को और बढ़ा दिया है। कई शहरों में शाम होते ही फल मंडियों और ठेलों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दे रही है।

किसानों के सामने चुनौती भी कम नहीं

एक तरफ मांग बढ़ी है, दूसरी तरफ किसानों को लागत और बाजार दोनों की चिंता है। डीजल और परिवहन खर्च बढ़ने से फल को खेत से मंडी तक पहुंचाना महंगा हो गया है। कई बार अधिक उत्पादन होने पर किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल पड़ता है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तरबूज की खेती में पानी, मौसम और बाजार तीनों का संतुलन जरूरी है। समय पर बिक्री न हो तो फल जल्दी खराब होने लगता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।

RELATED ARTICLES

क्रिसमस–नववर्ष से पहले खाद्य सुरक्षा पर सरकार की कड़ी नजर, राज्यभर में शुरू किया गया विशेष अभियान

देहरादून। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान लोगों को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए धामी सरकार ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त...

स्वास्थ्य सचिव ने किया श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण, अस्पताल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

श्रीनगर/रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार शुक्रवार को जिले के...

प्रदेशभर में प्रतिबंधित कफ सिरप जांचने को छापेमारी, 170 नमूने लिए, सात मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कफ सिरप पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

गर्मी में ‘लाल सोना’ बना तरबूज, बाजार में डिमांड के साथ सोशल मीडिया पर डर और अफवाह भी बढ़ी

हेल्थ डेस्क, जनप्रतिनिधि डॉट कॉम।  भीषण गर्मी के बीच देशभर में तरबूज की मांग तेजी से बढ़ी है। सड़क किनारे ठेलों से लेकर मंडियों और...

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: “जन सुरक्षा से बड़ा कुछ नहीं”, राज्यों को जारी किए कड़े निर्देश

नई दिल्ली। देशभर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम टिप्पणी...

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर, तीन दिन का राजकीय शोक

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष...

उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति सामान्य, तेल कंपनियां बोली- घबराने की आवश्यकता नहीं

देहरादून। उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य और निर्बाध बनी हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (हिंदुस्तान...

Recent Comments