देहरादून। निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर से मुलाकात कर विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेजों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर संबद्धता विस्तार, एफिलिएशन फीस और कॉलेजों के निरीक्षण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। कुलपति ने सभी विषयों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के समक्ष मांग रखी कि कॉलेजों के संबद्धता विस्तार पत्र प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विधि (लॉ) कॉलेजों को विश्वविद्यालय से संबद्धता विस्तार पत्र मिलने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया से भी शैक्षणिक सत्र के संचालन के लिए मान्यता लेनी होती है। ऐसे में संबद्धता पत्र जारी होने में देरी से कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कुलपति ने इस समस्या का उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
प्रत्येक कोर्स की एफिलिएशन फीस कम करने की मांग
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक कॉलेज से हर वर्ष प्रत्येक कोर्स के लिए एक लाख रुपये एफिलिएशन फीस लिए जाने का मुद्दा भी उठाया। एसोसिएशन ने इस शुल्क को अव्यावहारिक बताते हुए इसमें कमी करने की मांग की। इस पर कुलपति ने संबंधित विषय को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
कोर्स की अवधि तक मिले संबद्धता विस्तार
प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग भी रखी कि कॉलेजों को प्रत्येक वर्ष संबद्धता विस्तार लेने की व्यवस्था के स्थान पर संबंधित कोर्स की पूरी अवधि के लिए संबद्धता प्रदान की जाए। एसोसिएशन का मानना है कि इससे कॉलेजों को बार-बार की प्रक्रिया से राहत मिलेगी और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन अधिक सुचारु रूप से किया जा सकेगा। कुलपति ने इस मांग पर भी सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कॉलेज निरीक्षण के लिए स्थानीय शिक्षकों की नियुक्ति की मांग
बैठक में कॉलेजों के निरीक्षण की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि कॉलेजों के निरीक्षण के लिए स्थानीय शिक्षकों को ही नियुक्त किया जाए, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सके।
डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए सभी विषयों पर सकारात्मक रुख दिखाया और समस्याओं के समाधान के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के सचिव निशान्त थपलियाल और कोषाध्यक्ष अजय जसोला भी शामिल रहे।








