देहरादून। उत्तराखंड माटी कला बोर्ड में हुई नियुक्तियों को लेकर प्रजापति समाज ने एक बार फिर नाराजगी जताई है। देहरादून के चकराता रोड स्थित कुम्हार मंडी में रविवार को आयोजित बैठक एवं संवाद कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से बोर्ड में उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों पर पुनर्विचार करने की मांग की। इसी के साथ शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, युवाओं की भागीदारी और शास्त्रीनगर में कुम्हार समाज के लिए आवंटित भूमि का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा।
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि माटी कला बोर्ड का सीधा संबंध मिट्टी के पारंपरिक काम और इससे जुड़े कारीगरों से है। ऐसे में बोर्ड में इस क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव रखने वाले लोगों की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। बोर्ड की नियुक्तियों को लेकर प्रजापति समाज की नाराजगी इससे पहले जून में हरिद्वार और रुड़की में हुई बैठकों में भी सामने आ चुकी है।
माटी कला से जुड़े लोगों को मिले प्राथमिकता
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्य मंत्री मेला राम प्रजापति ने कहा कि माटी कला बोर्ड की स्थापना पारंपरिक माटी शिल्प से जुड़े कारीगरों के आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। इसलिए बोर्ड के महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति करते समय इस क्षेत्र के अनुभव और इससे जुड़े समाज की भागीदारी को महत्व दिया जाना चाहिए।
उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार भी माटी कला बोर्ड का गठन कुम्हारी और मिट्टी का काम करने वाले कारीगरों के व्यवसाय, आर्थिक उन्नति, पारंपरिक शिल्प के संरक्षण, तकनीकी कौशल, आर्थिक सहायता और विपणन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
मेला राम प्रजापति ने कहा कि हाल में हुई नियुक्तियों को लेकर समाज में असंतोष है। उन्होंने सरकार से इन नियुक्तियों पर पुनर्विचार करते हुए माटी कला से जुड़े योग्य और अनुभवी लोगों की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
पहले भी उठ चुका है नियुक्तियों का मुद्दा
माटी कला बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर विवाद नया नहीं है। जून 2026 में भी प्रजापति समाज की बैठकों में बोर्ड के उपाध्यक्ष और सदस्य पदों पर नियुक्तियों का विरोध किया गया था। उस समय समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि बोर्ड में गैर-प्रजापति लोगों को जिम्मेदारी दिए जाने से पारंपरिक रूप से माटी कला से जुड़े समुदाय को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
शिक्षा से रोजगार तक के मुद्दों पर चर्चा
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय प्रजापति महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय प्रजापति ने समाज की एकजुटता पर जोर दिया। संवाद के दौरान शिक्षा, स्वरोजगार और रोजगार के अवसर बढ़ाने, युवाओं को आगे लाने और राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने इन क्षेत्रों में समाज की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई।
24 बीघा भूमि का मामला भी उठा
बैठक में देहरादून के शास्त्रीनगर में कुम्हारों के लिए आवंटित बताई गई 24 बीघा भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मुद्दा भी उठाया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि प्रशासन इस मामले में जल्द कार्रवाई करे। बैठक में सहमति बनी कि कब्जा नहीं हटाए जाने की स्थिति में नगर निगम में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन योगेश प्रजापति ने किया। बैठक में प्रजापति सामाजिक संस्था देहरादून के अध्यक्ष एडवोकेट चन्द्रपाल प्रजापति, संरक्षक राजकुमार दक्ष, विनय प्रजापति, ओमप्रकाश प्रजापति, ऋषिकेश से पार्षद देवेंद्र प्रजापति, रुड़की से पार्षद यजुर प्रजापति, अशोक प्रजापति, योगेश प्रजापति, अंकित प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, अनिल वर्मा, भ्रगुनाथ पंडित और कृपाल प्रजापति समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।






