Monday, June 8, 2026
Home बड़ी खबर बड़ी खबरः जंगल में आग लगाई तो संपत्ति से होगी नुकसान की...

बड़ी खबरः जंगल में आग लगाई तो संपत्ति से होगी नुकसान की भरपाई, क्लाउड सीडिंग पर भी विचार

देहरादून। प्रदेश में अब जंगल में आग लगाने वालों की संपत्ति से नुकसान की भरपाई की जाएगी। इसके अलावा सभी जिलाधिकारियों को वनाग्नि नियंत्रण के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके अलावा चारधाम रूट पर मोबाइल क्रू टीम तैनात करने, उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे पोर्टेबल पंपों की मदद से आग बुझाने का निर्णय लिया गया है। आग पर नियंत्रण के लिए आईआईटी रूड़की के साथ क्लाउड सीडिंग पर भी विचार किया जा सकता है।

प्रदेश में कई स्थानों पर भड़की जंगलों की आग पर नियंत्रण पाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी मशीनरी को एक्टिव रहकर काम करने के निर्देश दिए हैं। उसी क्रम में सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने क्रियान्वन कार्यों का अपडेट लिया। उन्होंने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण में लापरवाही बरतने पर रेंज अधिकारी, जोरासी (अल्मोड़ा वन प्रभाग, अल्मोड़ा ) को प्रभागीय कार्यालय स्तर पर सम्बद्ध किया गया है। सीएस ने जोनल अधिकारी मुख्य वन संरक्षक कुमाऊँ/गढ़वाल तथा वन्यजीव परिरक्षण क्षेत्र को निर्देश दिए है कि वनाग्नि नियंत्रण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियो/ कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में मॉडल क्रू-स्टेशन/क्रू-स्टेशन पर मोबाईल क्रू टीम प्रत्येक चारधाम रूट पर सभी विजिबल स्ट्रेचस एवं रूट के किनारे पड़ने वाले ग्रामों की मैपिंग की गई है एवं मोबाइल क्रू-टीम तैनात की जा रही है।

राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी वनाग्नि एवं आपदा प्रबन्धन द्वारा वनाग्नि की घटनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। उनके द्वारा उच्च स्तर को भी वनाग्नि की घटनाओं की अद्यतन सूचना से अवगत कराया जा रहा है। वरिष्ठ वनाधिकारियों द्वारा वनाग्नि नियंत्रण कार्यवाही के क्षेत्र भ्रमण/अनुश्रवण की दैनिक रिर्पोट मुख्यालय को उपलब्ध करायी जा रही है। प्राप्त फायर अलर्ट को तत्काल वाट्सअप गु्रपस में पोस्ट कर तत्काल सम्बन्धित क्रू-टीम को मौके पर भेज कर रिस्पॉन्स टाइम को कम से कम वनाग्नि को नियंत्रित किया जा रहा है। प्राप्त लार्ज फोरेस्ट फायर अलर्ट पर विशेष मॉनिटरिंग करते हुए कम से कम समय में वनाग्नि को नियंत्रित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वनाग्नि नियंत्रण में सक्रिय वन पंचायतों/वनाग्नि प्रबन्धन समितियों/ महिला मंगल दलों/ युवा मंगल दलों की भी सहायता ली जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा वनाग्नि नियंत्रण हेतु प्रत्येक जिलाधिकारी  को पांच करोड़ का बजट आवंटित कर दिया गया है। जिलाधिकारियों की पूरी टीम जिसमें जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी, डीएफओं, पुलिस अधिकारियों व फायर वॉचर्स मौके पर वनाग्नि बुझाने के कार्य पर निरन्तर लगे हुए हैं। इसमें अतिरिक्त सहायता युवा मंगल दल, महिला मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों, वॉलियटर्स, पीएससी जवान, होमगार्डस व पीआरडी जवानों को भी इस कार्य में लगाया जाएगा। आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा जल्द ही छोटे आकार में वॉटर टैंकर क्रय किए जाएगे, जिनकी सहायता से आसानी से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पोर्टेबल पम्पों की सहायता से आग बुझाई जा सकेगी। आग बुझाने वाले सिलेण्डरों की व्यवस्था भी तत्काल की जा रही है।

डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि जिन स्थानों पर आग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं, वहाँ पर वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम एवं स्थानीय पुलिस बल की सयुंक्त टीम द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु एक एसओपी बनाई गई है। इसके तहत पहले फॉरेस्ट एक्ट, वाइल्ड लाइफ एक्ट अर्न्तगत कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही हाल ही में उत्तराखण्ड में पारित पब्लिक प्राइवेट प्रोपर्टी डेमेज रिकवरी एक्ट के तहत भी कार्यवाही की जाएगी। जो लोग बार-बार इस प्रकार की घटनाओं में लिप्त पाए जाते हैं उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी तथा दोषियों की सम्पति भी जब्त करने की कार्यवाही की जाएगी। अभी तक वनाग्नि की घटनाओं में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। जिनमें से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी तक वनाग्नि के कारण किसी भी मानव या वन्य जीवन की हानि की जानकारी नही है।

अपर प्रमुख वन संरक्षक निशान्त वर्मा ने बताया कि वन विभाग के मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी नामित कर दिया गया है तथा सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा फील्ड हेतु प्रस्थान किया जा चुका है। वन विभाग में कार्यरत लगभग 4000 फायर वाचर्स के इंश्योरेंस की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में एनडीआरएफ भी लगाई जाएगी। हैलीकॉप्टर से वनाग्नि प्रभावित इलाकों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। जिलाधिकारियों द्वारा खेतों में चारे आदि को जलाने तथा शहरी क्षेत्रों पर ठोस कचरे को जलाने  पर पूरी तरह से  प्रतिबन्ध का आदेश पारित कर दिया गया है। जिन गांवों के आसपास कोई वनाग्नि की घटनाएं नही हुई उन्हें पुरूस्कृत किया जाएगा। आईआईटी रूड़की के साथ  क्लाउड सीडिंग के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।

 

 

RELATED ARTICLES

एसडीजी में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, देशभर में 10वें से पहले स्थान पर पहुंचा, जिलों में रुद्रप्रयाग अव्वल

देहरादून। उत्तराखंड ने नीति आयोग के एसडीजी (Sustainable Development Goals) इंडिया इंडेक्स में बड़ी छलांग लगाई है। पिछली रैंकिग में 10वें स्थान पर रहा...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, आशीष चौहान बने जिलाधिकारी देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने शनिवार रात कई आईएएस, पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल कर दिया। आशीष चौहान को देहरादून...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

एसडीजी में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, देशभर में 10वें से पहले स्थान पर पहुंचा, जिलों में रुद्रप्रयाग अव्वल

देहरादून। उत्तराखंड ने नीति आयोग के एसडीजी (Sustainable Development Goals) इंडिया इंडेक्स में बड़ी छलांग लगाई है। पिछली रैंकिग में 10वें स्थान पर रहा...

मजबूरियों ने पढ़ाई छुड़वाई, लेकिन हौसले नहीं टूटे। अब सैनिक से अफसर बनने जा रहे पौड़ी के मनदीप

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर सपनों को सच करना आसान नहीं होता। आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सीमित संसाधन अक्सर...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, आशीष चौहान बने जिलाधिकारी देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने शनिवार रात कई आईएएस, पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल कर दिया। आशीष चौहान को देहरादून...

Recent Comments