देहरादून। प्रदेश में मौजूदा मीटर के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने वाले बिजली उपभोक्ताओं को बिल में चार फीसदी की छूट दी जाएगी। स्मार्ट मीटर से जहां बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा, वहीं उपभोक्ताओं की समस्याओं का भी तेजी से समाधान हो सकेगा। इससे मीटर रीडिंग और बिलिंग संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी। सरकार बिना शुल्क के मीटर बदल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सबसे पहले मंत्री, विधायकों व अफसरों के सरकारी व निजी आवास पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रमुख सचिव ऊर्जा डा. आर मीनाक्षी सुंदरम ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक बिजली मीटर हैं, जिसका कंट्रोल उपभोक्ता के हाथ में रहता है। इससे आपको पल-पल बिजली उपयोग की जानकारी, सभी जरूरी सूचनाएं, बिजली उपयोग की तुलना, भुगतान के कई विकल्प मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो भारत सरकार के सहयोग से भी सभी राज्यों में चलाया जा रहा है।
अभी यूपीसीएल के उपभोक्ता शिकायत निवारण केंद्र के साथ ही सीएम हेल्पलाइन और विभागीय शिविरों में सबसे अधिक शिकायतों बिलिंग और रीडिंग को लेकर आती हैं। अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडिंग में मानवीय हस्तक्षेप समाप्त हो जाएगा, इससे बिलिंग सम्बन्धी शिकायतों में अप्रत्याशित कमी आएगी। उपभोक्ता को खपत का विवरण मोबाइल एप पर उपलब्ध, होगा जिससे वो अपनी बिजली खपत को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगे। साथ ही विद्युत फाल्ट व सप्लाई बाधित होने की सूचना भी तुरंत विभाग तक पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि रूफ टॉप सोलर लगाने पर यही मीटर नेट मीटर की तरह कार्य करेगा।
मीटर बदलने पर नहीं लगेगा कोई शुल्क
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने बताया कि पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर कोई इंस्टॉलेशन शुल्क नहीं लिया जायेगा। वर्तमान में भारत सरकार के निर्देश पर पोस्ट पेड मीटर ही लगाए जा रहे हैं। फिर भी कोई उपभोक्ता स्वेच्छा से प्री पेड मीटर की सेवाएं लेना चाहता हैं तो उन्हें घरेलू कनेक्शन पर वर्तमान में लागू विद्युत दरों पर चार प्रतिशत तथा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन प्रतिशत की छूट मिलेगी। उन्होंने बताया की मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग मंत्रिगणों, विधायकों और अधिकारियों के आवासों पर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान शुरु करेगा।
मोबाइल एप या ऑनलाइन रिचार्ज करने पर फायदा
घर बैठे मीटर को मोबाइल ऍप या ऑनलाइन रिचार्ज करने पर बिजली बिल पर लगने वाले ब्याज या लेट फीस से छुटकारा मिलेगा। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने कहा कि छुट्टियों के दिनों में या रात में बैलेंस खत्म होने के बाद भी बिना रूकावट बिजली की उपलब्धता बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जून 2026 तक 15.88 लाख उपभोक्ताओं सहित 59212 ट्रासंफार्मर और 2602 फीडर के मीटर बदले जाने हैं।