देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इस महीने एक बार फिर उत्तराखंड आ सकते हैं। उनकी 27 फरवरी को शीतकालीन यात्रा (Uttarakhand winter chardham yatra) पर आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। वह उत्तरकाशी जिले के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में आ सकते हैं। इसको लेकर शासन-प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने सभी विभागीय अधिकारियों को समय से तैयारियां पूरी करने और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के शामिल होने से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन और यात्रा को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान सभी कार्यक्रमों व गतिविधियों में राज्य के शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं व क्षमताओं को उजागर करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री प्रस्तावित कार्यक्रमों के दौरान तय प्रोटोकॉल और सुरक्षा प्रबंधों को ध्यान में रख सभी तैयारियां समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वह खुद हर्षिल-मुखवा जाकर तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी और सभी व्यवस्थाओं को परखेंगीं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के मुखवा मंदिर में दर्शन-पूजन और हर्षिल में जनसभा के प्रस्तावित कार्यक्रम की उपयुक्त व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने सचिव पर्यटन को हर्षिल में प्रदेश के शीतकालीन पर्यटन स्थलों और स्थानीय उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिले में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। हर्षिल में उद्यान विभाग के परिसर में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए समतलीकरण का कार्य कराया जा चुका है। मुखवा में मंदिर व गांव के भवनों का सौंदर्यीकरण करने साथ ही मंदिर के लिए सुविधाजनक व सुरक्षित रास्ते का निर्माण किया गया है। हर्षिल-मुखवा क्षेत्र की सड़कों को ठीक किया जा रहा है। हर्षिल में बगोरी हेलीपैड तक सड़क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और निकटवर्ती अन्य हेलीपैड भी चाक-चौबंद किए जा रहे हैं। हर्षिल व मुखवा में पार्किंग निर्माण करने के साथ ही गंगोत्री राजमार्ग पर भी पार्किग के इंतजाम किए जा रहे हैं। शीतकाल में पानी जमने के कारण पेयजल लाईनों के क्षतिग्रस्त होने की समस्या के समाधान के लिए इस क्षेत्र में लगभाग पांच किलोमीटर लंबाई के एचडीपीई पाईप बिछाकर पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इस क्षेत्र में बिजली की लाईनों की मरम्मत व पोल बदलने के साथ ही सोलर हाईमास्ट लाईट्स एवं स्ट्रीट लाई्टस स्थापित की गई हैं। इस क्षेत्र में तीन नये स्मार्ट टॉयलेट्स बनाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम से जुड़ी अन्य तमाम व्यवस्थाओं का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, पुलिस विभाग, जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे।