माणा/जोशीमठ/देहरादून। उत्तराखंड के लिए शुक्रवार का दिन अमंगल वाला समाचार लेकर आया। चमोली जिले में माणा के पास सड़क निर्माण में लगे बीआरओ के 50 से ज्यादा जवान भीषण हिमस्खलन (AVALANCHE) की चपेट में आ गए। सेना समेत कई अन्य एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मौसम खराब होने के कारण बचाव एवं राहत कार्य में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर बचाव अभियान की मॉनिटरिंग की और इसके लिए हरसंभव उपाय करने के निर्देश दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर बाद माणा गांव के पास एक बड़ा एवलांच आया। बदरीनाथ थाम से करीब छह किलोमीटर आगे हुए इस हिमस्खलन की चपेट में वहां काम कर रहे बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के 57 श्रमिक आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत वहां रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। खराब मौसम और लगातार हो रही बर्फबारी के बीच बचाव कार्य में जुटे जवानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आईटी पार्क स्थित आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हालात की जानकारी ली और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निरंतर केंद्र सरकार के संपर्क में है। बचाव और राहत कार्यों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा रेस्क्यू अभियान में किसी भी एजेंसी की आवश्कता होने पर उनकी मदद ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 लोगों को आईटीबीपी अस्पताल पहुंचाया गया है। बर्फबारी जारी है, कई जगहों पर मार्ग अवरुद्ध हो रहा है। कल मौसम खुलने की संभावना है, जिससे रेस्क्यू अभियान में भी तेजी आएगी। सभी रेस्क्यू दल आपस में समन्वय के साथ कार्य कर रहें हैं। उन्होंने कहा माणा हेलीपैड को भी एक्टिव किया जा रहा है। इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल गोपेश्वर में भी सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
शाम पांच बजे आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार हिमस्खलन में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। शाम पांच बजे तक 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि शेष 25 लोगों को तलाशन और निकालने की कार्रवाई चल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर ड्रोन के माध्यम से नजर रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा रेस्क्यू अभियान में हेलीकॉप्टर की भी मदद लेकर रेस्क्यू में तेजी लाई जाए। उन्होंने सभी घायलों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से जरूरत पड़ने पर एम्स ऋषिकेश लाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से निरंतर समन्वय संपर्क कर उन्हें हर संभव मदद करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जनपद चमोली में हिमस्खलन के बाद लगातार राहत बचाव का कार्य जारी है। आईटीबीपी, सेना, जिला प्रशासन, वायु सेना, सभी लोग बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सभी से निरंतर वार्ता जारी है। विजिबिलिटी ना होने के कारण वर्तमान में हेलीकॉप्टर का जाना संभव नहीं है। इस संबंध में स्नो एक्सपर्ट की सेवाएं ली जा रही हैं। आईटीबीपी के लोग घटना स्थल में विशेष रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा हमारी पहली प्राथमिकता श्रमिकों को सुरक्षित निकलना है। सभी लोग अलग अलग स्थानों से हैं, जिसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से घटना की पूरी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि माणा गांव और माणा पास के मध्य सीमा सड़क संगठन के समीप हिमस्खलन की सूचना मिली थी। यहां सेना की आवाजाही के लिए सड़क मार्ग से बर्फ हटाने वाले मजदूरों के घटना स्थल के समीप होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद सेना के साथ ही आईटीबीपी, एनडीआरफ, एसडीआरफ की रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है।