देहरादून। स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और देश-दुनिया से आने वाले लोगों तक इन उत्पादों को पहुंचाने के लिए राज्य सरकार “हाउस ऑफ हिमालया” के कई नए आउटलेट खोलेगी। बृहस्पतिवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इसके निर्देश दिए। उन्होंने उत्पादन की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
प्रदेश में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय उत्पादों के अंब्रेला ब्रांड “हाउस ऑफ हिमालया” की ब्रांडिंग की थी। उसके बाद से उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग में काफी सुधार हुआ है। यही कारण है कि देश और दुनिया के तमाम हिस्सों में हाउस ऑफ हिमालया के के उत्पादों की जबरदस्त मांग है। मंत्री गणेश जोशी ने सहकारिता, ग्राम्य विकास और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेते हुए राज्य के सभी प्रमुख स्थानों और पर्यटन स्थलों पर नए आउटलेट खोलने के निर्देश दिए।
उन्होंने हरिद्वार और उधमसिंह नगर में अमृत सरोवर योजना के तहत बन रहे सरोवरों में मखाना की खेती को बढ़ावा देने व सिंघाड़ा उत्पादन को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि आगामी बजट में सिंघाड़े और मखाने की खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने प्रदेश में फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रदेश के 93 ऑर्चर्ड (गार्डन) में भी फूलों की खेती करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि विदेशों में हार्टी टूरिज्म बहुत ज्यादा प्रचलित है। इसी तरह उत्तराखंड राज्य में भी हार्टी टूरिज्म को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। मंत्री ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालया को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में जनपदवार प्लानिंग की जाए ब्रांडिंग बेहतर की जाए।
मंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर प्रदेश में गुणवत्ता तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहतर प्रयास करें। उन्होंने बताया कि मिलेट्स रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ़ हैदराबाद ने उत्तराखंड के मंडुआ और झंगोरा की गुणवत्ता को देशभर सबसे बेहतर आंका है। उन्होंने सरकारी बंजर जमीनों की गुणवत्ता की जांच करने और उत्पादन बढ़ाने के प्रयास करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर बैठक में सचिन ग्राम्य विकास राधिका झा, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव सहकारिता सोनिका, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।