Friday, May 1, 2026
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अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को देना होगा अचल संपत्ति का विवरण, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

देहरादून। प्रदेश में तैनात अखिल भारतीय सेवा के सभी अधिकारियों को अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा। मंगलवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि के बारे में विवरण देते समय अनिवार्य रूप से अचल सम्पत्ति का विवरण दिया जाना अनिवार्य है।

बैठक के दौरान यह संज्ञान में लाया गया कि कई विभागीय अधिकारियों द्वारा समय से अपनी वार्षिक अचल सम्पत्ति का विवरण अपने विभागों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। वार्षिक गोपनीय आख्या के बारे में विवरण देते समय अचल सम्पत्ति का विवरण घोषित किये जाने को अनिवार्य बनाये जाने हेतु व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश दिये गये। पदोन्नति के समय यह देखा जायेगा कि कार्मिक द्वारा अचल सम्पत्ति का विवरण प्रस्तुत किया गया है अथवा नहीं।

उन्होंने एक मई 2025 से सभी विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक से करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि अगर विभाग में बायोमैट्रिक मशीनें कम या बिल्कुल भी नहीं तो इसके लिए समय से तैयारियां पूरी कर ली जाए। साथ ही, पूर्व में स्थापित बायोमैट्रिक मशीनों में यदि कोई कमी है तो उसे भी ठीक करा लिया जाए।

महत्वपूर्ण प्रस्तावों का विवरण तैयार करने के निर्देश

उन्होंने सभी विभागों को जनहित व राज्यहित में आवश्यक, महत्त्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली योजनाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए ताकि इनके लिए धनराशि की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने इन योजनाओं की सूची नियोजन विभाग को और उसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर

मुख्य सचिव ने एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से किए जाने के भी निर्देश दिए। इसके लिये सभी विभागों को आवश्यक तैयारी किये जाने के निर्देश दिए। भविष्य में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली ईएफसी पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। विभागीय सचिवगणों से भी विभागीय ईएफसी पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से कराए जाने हेतु निर्देश दिए।

साथ ही, उन्होंने सभी विभागों द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को ई-डीपीआर के रूप में तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी। कुछ राज्यों में ई-डीपीआर बनाई जा रही है। एनआईसी के माध्यम से इसका अध्ययन कराते हुए भविष्य में परियोजनाओं के लिए ई-डीपीआर बनाने के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

अनुभागों का निरीक्षण करें विभागीय सचिव व अधिकारी

बैठक में सभी विभागीय सचिवगणों को सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में वर्ष में न्यूनतम एक बार अनुभागों का विस्तृत निरीक्षण किये जाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार का निरीक्षण रोस्टर के अनुसार अपर सचिवों, संयुक्त सचिवों, उप सचिवों एवं अनुसचिवों को किये जाने के निर्देश दिये गये।

वार्षिक कार्य योजना बनाने के भी निर्देश

बैठक में सभी अधिकारियों को अपने विभाग से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार के कार्यों हेतु वार्षिक कार्य योजना (Annual Work Plan) बनाये जाने के निर्देश दिये गये, ताकि सभी प्रकार के विभागीय कार्यों को समय से पूरा किया जा सके तथा विलंब से बचा जा सके।

Government Assets की सूची तैयार करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी-अपनी परिसम्पत्तियों की सूची तैयार कर इस हेतु पूर्व में बनाए गए पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। इस बारे में पूर्व में काफी कार्य किया गया था तथा कई विभागों द्वारा अपनी विभागीय परिसम्पत्तियों की सूची Government Assets  Inventory  पर अपलोड किया गया था। पुनः सभी विभागों को अपनी-अपनी परिसम्पत्तियों की सूची इस पोर्टल पर अपलोड किये जाने के निर्देश दिये गये।

प्रदेश का अपना राज्य संग्रहालय तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने देहरादून में राज्य संग्रहालय की आवश्यकता को देखते हुए इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कौलागढ़ स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, संस्कृति विभाग में पंजीकृत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक दलों की आपस में प्रतियोगिता कराते हुए पारदर्शी तथा निष्पक्ष तरीके से इनको श्रेणी ए, बी, सी आदि में रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकतानुसार इनका उपयोग किया जा सके।

सचिव समिति की बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, राधिका झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. नीरज खैरवाल, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल समेत अन्य मौजूद रहे।

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