Tuesday, September 22, 2026
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BRE Summit 2026: 2 से 5 नवंबर तक भारत बनेगा Green Energy का ग्लोबल हब, Solar और Green Hydrogen पर भी बड़ा सम्मेलन

नई दिल्लीनवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से अपनी भूमिका बढ़ा रहा भारत इस साल नवंबर में दुनिया के बड़े स्वच्छ ऊर्जा आयोजनों में से एक की मेजबानी करने जा रहा है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर 2026 तक Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026 आयोजित होगा। इस बार आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन एक ही मंच पर होने जा रहे हैं।

भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के मुताबिक Bharat Renewable Energy Summit & Expo के साथ International Solar Alliance (ISA) Assembly का 9वां सत्र और 4th International Conference on Green Hydrogen (ICGH) भी आयोजित किए जाएंगे। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सरकारों से लेकर नीति निर्माता, उद्योग जगत, निवेशक, शोधकर्ता और तकनीक से जुड़ी कंपनियां स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य पर चर्चा करेंगी।

पहली बार एक छत के नीचे तीन बड़े आयोजन

BRE Summit 2026 की सबसे बड़ी खासियत तीन बड़े वैश्विक मंचों का एक साथ आना है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने जुलाई में इसके कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा था कि पहली बार BRE Summit & Expo, ISA Assembly और International Conference on Green Hydrogen को एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी थी कि प्रधानमंत्री ने BRE Summit & Expo 2026 के उद्घाटन के लिए सहमति दी है। इस दौरान Summit के आधिकारिक लोगो ‘ऊर्जा चक्र’ का अनावरण किया गया। इसके साथ कार्यक्रम का डिजिटल पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया गया।

75 से ज्यादा देशों की भागीदारी की उम्मीद

इस आयोजन का आकार भी काफी बड़ा रहने वाला है। MNRE की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसमें 75 से अधिक देशों, 20 से अधिक राज्य सरकारों और 250 से ज्यादा उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों की भागीदारी की उम्मीद है। Summit में 80 से अधिक curated sessions, 500 से ज्यादा speakers और 400 से अधिक exhibitors शामिल किए जाने की योजना है। इसके साथ 25 से ज्यादा knowledge partners भी कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

अगस्त में मुंबई में आयोजित रोड शो के दौरान प्रल्हाद जोशी ने कहा कि चार दिवसीय आयोजन में 75 से ज्यादा देशों के शासनाध्यक्षों और ऊर्जा मंत्रियों सहित वैश्विक संस्थागत निवेशकों और technology providers को जोड़ने की तैयारी है। उन्होंने 25 हजार से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना भी जताई।

RE-INVEST का नया और विस्तृत रूप है BRE Summit

Bharat Renewable Energy Summit & Expo कोई बिल्कुल नया प्लेटफॉर्म नहीं है। यह सरकार के RE-INVEST कार्यक्रम की विरासत को आगे बढ़ा रहा है, लेकिन इस बार इसके दायरे को काफी व्यापक किया गया है। पहले जहां मुख्य फोकस निवेश आकर्षित करने पर था, वहीं BRE Summit में अब policy, technology, manufacturing, innovation, international cooperation और strategic partnerships को भी प्रमुखता दी जा रही है। इसकी केंद्रीय थीम “Invest. Innovate. Inspire.” रखी गई है।

2024 में गांधीनगर में आयोजित RE-INVEST में 50 हजार से अधिक delegates और 360 से ज्यादा कंपनियों ने भाग लिया था। MNRE के मुताबिक उस आयोजन में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से renewable-based installed capacity में 570 GW जोड़ने की प्रतिबद्धताएं सामने आई थीं, जबकि निवेश प्रतिबद्धताओं का आंकड़ा ₹32.45 लाख करोड़ था।

सौर ऊर्जा पर दुनिया की नजर, ISA Assembly भी बनेगी अहम

BRE Summit के समानांतर होने वाली International Solar Alliance की 9वीं Assembly सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों को solar deployment, technology, investment और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी जैसे मुद्दों पर एक साझा मंच मिलेगा।

इसी तरह 4th International Conference on Green Hydrogen उभरती हुई green hydrogen economy पर केंद्रित होगी। सरकार National Green Hydrogen Mission के जरिए भारत में इस क्षेत्र का ecosystem विकसित करने पर काम कर रही है। ऐसे में international conference के साथ BRE Summit का आयोजन निवेशकों, technology providers और नीति निर्माताओं को सीधे जोड़ने का अवसर देगा।

बिजली को चौबीसों घंटे उपलब्ध कराने की चुनौती पर भी चर्चा

Summit केवल solar panels, wind turbines या green hydrogen projects की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा। बेंगलुरु में आयोजित रोड शो के दौरान MNRE ने बताया कि grid integration, domestic manufacturing value chain, round-the-clock renewable power और long-term capital access जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

इसके अलावा छोटे जलविद्युत क्षेत्र के लिए भी अलग session प्रस्तावित है। सितंबर में आयोजित एक curtain raiser में केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि BRE Summit में small hydro power से जुड़े policy reforms, investment, financing, technology और partnerships पर चर्चा होगी।

निवेशकों और राज्यों के लिए भी बड़ा प्लेटफॉर्म

BRE Summit में राज्यों को अपनी renewable energy project pipeline वैश्विक developers और financial institutions के सामने रखने का मौका मिलेगा। वहीं उद्योग और निवेशक नए बाजार, technologies और partnerships तलाश सकेंगे। सरकार का लक्ष्य projects और financing के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है।

आयोजन से पहले सरकार ने देशभर में regional roadshows की श्रृंखला भी शुरू की है। पहला रोड शो जयपुर में हुआ, जिसके बाद मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु समेत दूसरे शहरों में renewable energy sector के stakeholders को Summit से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

भारत की ग्रीन एनर्जी महत्वाकांक्षा को मिलेगा वैश्विक मंच

BRE Summit ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब भारत ने 2030 तक 500 GW non-fossil fuel based electricity capacity हासिल करने का लक्ष्य रखा है। अगस्त में जयपुर रोड शो के समय सरकार ने बताया था कि देश की renewable energy generation capacity 300 GW के पार पहुंच चुकी है।

चार दिनों तक भारत मंडपम में होने वाला यह आयोजन इसलिए सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं होगा। Renewable Energy, Solar Energy और Green Hydrogen को एक साथ लाकर सरकार इसे investment, technology, manufacturing और international cooperation के बड़े मंच के रूप में पेश कर रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नवंबर में होने वाले इस वैश्विक आयोजन से भारत के clean-energy sector के लिए कितने नए निवेश, समझौते और तकनीकी सहयोग सामने आते हैं।

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