देहरादून। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल के रिक्त पद शुक्रवार को भर लिए गए। करीब चार साल बाद हुए मंत्रिमंडल विस्तार में पांच विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इसी के साथ प्रदेश मंत्रिमडंल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। गढ़वाल से चार और कुमाऊं से एक विधायक को मंत्री बनाया गया है। लंबे समय से उपेक्षित हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जिले को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला है।
लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उत्तराखण्ड सरकार के मंत्रिपरिषद में नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई अन्य की मौजूदगी में नए मंत्रियों ने शपथ ली। देहरादून, राजपुर रोड विधायक खजान दास, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी और भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या व सौरभ बहुगुणा, सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट और नरेश बंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समारोह का संचालन मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने किया।
धामी ने फिर दिखाई अपनी धमक
मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपनी धमक दिखाई है। विरोधी खेमे लगातार 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदले जाने की बात को हवा दे रहे थे। लेकिन इन सब से बेपहरवाह सीएम धामी लगातार अपने काम में लगे रहे। अब मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही यह भी तय हो गया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री धामी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा।
कई दावेदार विधायक हुए मायूस
लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की राह देख रहे कई विधायक खुद को मंत्री पद का दावेदार मान रहे थे। हालांकि सिर्फ पांच ही विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता था। लेकिन खुद का नंबर कटने पर विधायकों की मायूसी स्वाभाविक है। विस्तार से पहले हर कोई उम्मीद में था लेकिन अब उनमें से ज्यादातर की उम्मीदें टूट चुकी हैं।
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर जोर
मंत्रिमंडल विस्तार में भी क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर जोर दिया गया है। भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और खजान दास गढ़वाल तो राम सिंह कैड़ा कुमाऊं से मंत्री बने। इसके साथ ही 11 सदस्यीय मंत्रिमंडल में गढ़वाल के आठ मंत्री हो गए हैं। वहीं, कुमाऊं से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा तीन मंत्री हैं। प्रदीप बत्रा के जरिये सरकार में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुई बनिया बिरादरी की सीट भी भर दी गई है। साथ ही, हरिद्वार में अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश भी की है।






