देहरादून। राज्य सरकार ने अपनी सभी कर्मचारियों को एक आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया है। सरकार ने कहा कि सभी कर्मचारी इसका पालन सुनिश्चित करें। खास बात ये है कि इसके लिए एक समय सीमा भी निर्धारित की गई है और उसका पालन न करने वालों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसको लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और सभी जिलाधिकारियों को इसकी प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी।
दरअसल प्रदेश में लागू समान नागरिक संहिता के तहत 2010 के बाद हुए विवाह का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों को यूसीसी के तहत विवाह पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर राज्य सरकार के अधीन कार्यरत विवाहित कर्मचारियों का विवाह पंजीकरण यूसीसी के तहत सुनिश्चित करवाने को कहा है। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत 26 मार्च 2010 के बाद हुए विवाहों के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा बताया कि समान नागरिक संहिता के लिए नामित जनपदीय नोडल अधिकारी अपने-अपने जिले में कार्यरत सभी विवाहित कर्मचारियों कार्मिकों का समयबद्ध रुप से विवाह पंजीकरण कराएंगे। सभी जिलों को गृह सचिव को नियमित तौर पर इसकी रिपोर्ट भेजनी होगी। उन्होंने प्रत्येक विभाग में संबंधित अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव / सचिव को एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने के भी निर्देश दिए हैं, जो अपने विभाग के विवाहित कार्मिकों के विवाह पंजीकरण सुनिश्चित कराएंगेष इसी तरह सभी विभागाध्यक्ष भी अपने अधीनस्थ विवाहित कर्मचारियों का यूसीसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाएंगे। सभी जिलाधिकारी और विभागाध्यक्ष इस बात का भी ध्यान रखेंगे, कि सभी विवाह पंजीकरण तय समय के भीतर हो जाए। साथ ही वो इसकी हर हफ्ते की रिपोर्ट गृह सचिव को भी भेजेंगे।
पंजीकरण के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत न हो इसके लिए उन्होंने आईटीडीए निदेश को सभी जिलों और विभागों को जरूरी तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। सभी जिले और विभाग किसी भी तरह के तकनीकी सहयोग के लिए निदेशक, आईटीडीए से संपर्क कर सकते हैं।
पंजीकरण के लिए यह दस्तावेज जरूरी
उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता के अनुसार मार्च 2010 के बाद हुए सभी विवाह का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए पति व पत्नी के अलग-अलग और संयुक्त फोटोग्राफ, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, हाई स्कूल प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड व पासपोर्ट, बच्चों के प्रमाण पत्र, दो गवाहों के आधार कार्ड जो मोबाइल नंबर से जुड़े हों, विवाह का फोटोग्राफ देना होगा। 27 जनवरी 2025 या उसके बाद हुए विवाह के कार्ड की प्रति देनी होगी। ऐसे सभी विवाह का पंजीकरण 60 दिन के भीतर करवाना अनिवार्य है। 26 मार्च 2010 के बाद से 26 जनवरी 2025 तक हुए सभी विवाह का पंजीकरण अगले छह माह के भीतर करवाना अनिवार्य है।
तत्काल पंजीकरण को देना पड़ेगा ज्यादा शुल्क
विवाह पंजीकरण के लिए सामान्य शुल्क 250 रुपये रखा गया है, जबकि तत्काल पंजीकरण के लिए 2500 रुपये देने होंगे। अगर विवाह पंजीकरण 90 दिनों के भीतर नहीं कराया जाता, तो पहले 200 रुपये और फिर 400 रुपये तक लेट फीस देनी होगी। तीन महीने से अधिक की देरी होने पर अधिकतम 10,000 रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है।