Tuesday, March 10, 2026
Home ताजा खबर उत्तराखण्ड में तेजी से भड़क रही है मूल निवास व सशक्त भू-...

उत्तराखण्ड में तेजी से भड़क रही है मूल निवास व सशक्त भू- कानून की आग

लोकसभा चुनाव में भू कानून व मूल निवास का तड़का भी डालेगा असर

मूल निवास व भू कानून को लेकर दून के बाद हल्द्वानी में भी उमड़ा जनसैलाब

जन संगठनों ने कहा, प्रदेश के संसाधनों की लूट करने वालों के खिलाफ जंग तेज होगी

हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव से पहले भू कानून व मूल निवास के मुद्दे पर जन संगठनों की हुंकार राजनीतिक दलों को भारी पड़ सकती है। देहरादून के बाद हल्द्वानी में भी मूल निवास व सशक्त भू कानून को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतरे। दून की 24 दिसंबर की सफल रैली के एक महीने बाद कुमाऊं में जनता की जोशीले भागीदारी से यह साफ होता जा रहा कि इस मुद्दे पर अभी आग और भड़केगी। दरअसल, उक्रांद समेत सभी जनसंगठन सशक्त भू कानून व मूल निवास पर कांग्रेस व भाजपा को समान रूप से दोषी मान रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना गया कि 23 साल से यही दोनों दल प्रदेश में राज कर रहे हैं। और इनके ही शासन में दलालों व बाहरी तत्वों ने प्रदेश के संसाधनों पर कब्जा किया। गौरतलब है कि उत्तराखंड में मूल निवास कानून लागू करने और इसकी कट ऑफ डेट 26 जनवरी 1950 घोषित किए जाने और प्रदेश में सशक्त भू-कानून लागू किए जाने की मांग को लेकर हल्द्वानी में हुए आंदोलन में लोग अपने आप ही जुटे। युवाओं और महिलाओं व सामाजिक संगठनों की विशेष तौर पर भागीदारी रही।

परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि प्रदेश के संसाधनों की लूट करने वाले दलाल,नेता व अधिकारियों के त्रिकोण के खिलाफ जंग को निर्णायक मोड़ पर ले जाएंगे। स्थानीय बुद्ध पार्क में प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठन के लोगों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। उल्टा राज्य के मूल निवासियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, साथ ही खुद के घर में ही नौकरी के लिए तरसना पड़ रहा है। उक्रांद नेता व पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी व समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन हमारी पूंजी हैं। उस पर बाहरी तत्व कब्जा कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हिमाचल की तर्ज पर प्रदेश में सशक्त भू-कानून लागू किया जाए। लोगों का कहना है कि प्रदेश में काफी समय से भू-कानून की मांग की जाती रही है। नियमों की अनदेखी कर यहां औने-पौने दाम में जमीनों को खरीद कर उसमें होटल-रिजॉर्ट बनाए जाते रहे हैं। समिति के सह संयोजक लुसुन टोडरिया ने कहा कि उत्तराखंड में मूल निवास कानून व सशक्त भू-कानून लागू किए जाने की मांग को लेकर हल्द्वानी की महारैली को भारी समर्थन मिला। बहरहाल, जनसंगठन दून व हल्द्वानी के बाद इन दोनों मुद्दों को जिले व ब्लाक स्तर पर के जाने की कोशिश में जुट गए हैं। संघर्ष समिति की पूरी कोशिश है कि पहाड़ की अस्मिता से जुड़े इन मुद्दों और अब निर्णायक जंग का समय आ गया है।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने रैली में हिस्सा लिया

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने मूल निवास भू कानून की रैली को संबोधित करते हुए हल्द्वानी बुद्ध पार्क से लेकर तिकुनिया पार्क तक पदयात्रा कर राज्य निर्माण सेनानियों के साथ पदयात्रा की। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार डोबरियाल ने बताया कि प्रदेश में 23 वर्षों से अपने हकों के लिए जनता लगातार सड़कों पर आंदोलन कर रही है। सरकार को सर्वप्रथम मूल निवास और कानून को प्रदेश में लागू करना चाहिए।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पंत ने बताया कि राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी प्रदेश की देवतुल्य जनता की मूल निवास भू कानून सहित अंकित भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर प्रदेश भर आंदोलन करने के लिए बाध्य है। और प्रदेश सरकार अगर मूल निवास भू कानून लागू नहीं करती तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। प्रदेश संगठन सचिव सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी राज्य निर्माण सेनानियों की समस्त मांगों के सहित मूल निवास भू कानून को लागू करने की प्रदेश सरकार से मांग करती है। आगामी लोकसभा चुनाव एवं नगर निकाय चुनाव में पार्टी पूर्ण रूप से मूल निवास भू कानून को लेकर सरकार की सच्चाई को प्रदेश की जनता तक पहुंचाएगी।

कार्यक्रम में कुमाऊं से युवा नेतृत्व विकास कुमार, प्रेमा देवी,प्रिया पांडे,प्रदेश महासचिव बलबीर सिंह नेगी, राज्य निर्माण सेनानी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह रावत, प्रदेश प्रचार सचिव विनोद कोठियाल, महानगर अध्यक्ष मनोरमा चमोली, प्रदेश संगठन सहसचिव राजेंद्र गुसाईं, प्रदेश अध्यक्ष पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ बीपी नौटियाल, कलम सिंह रावत (पूर्व सैनिक) सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्य रूप से राज्य निर्माण सेनानी मंच के डी एस गुसाईं, रुक्म पोखरियाल, प्रदीप कुकरेती, जगमोहन सिंह नेगी, रामलाल खंडूरी, सुलोचना भट्ट, सरोजिनी थपलियाल, विमल बहुगुणा सहित सैकड़ों राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

समान कार्य-समान वेतन पर कैबिनेट निर्णय से उपनल कर्मचारी खुश, सीएम धामी से मिलकर जताया आभार

देहरादून। ‘समान कार्य–समान वेतन’ को लेकर राज्य कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय के बाद उपनल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास...

अत्याधुनिक सुविधाओं युक्त होगा उत्तरांचल प्रेस क्लब का नया भवन, कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण में बोले सीएम धामी

देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब, परेड मैदान में शुक्रवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को...

राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम बदला, अब कहलाएगा स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज

देहरादून/पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी का नाम परिवर्तित कर ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

UTTARAKHAND BUDGET: 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश, गरीब-युवा-किसान और महिलाओं पर फोकस

गैरसैंण/देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया।...

अर्थव्यवस्था में उत्तराखंड की ऊंची छलांग, जीडीपी डेढ़ गुना बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी

देहरादून। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में तेजी का दौर जारी है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹3,81,889 करोड़ पहुंच गया है,...

उत्तरांचल प्रेस क्लब में रंगारंग होली मिलन महोत्सव की धूम, रंगों की फुहार और लोक संगीत की गूंज में सरोबार हुए लोग

देहरादून। देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब का होली मिलन समारोह इस बार खास उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित हुआ। रंगों की फुहार, लोक...

दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, केजरीवाल और सिसोदिया बाइज्जत बरी

नई दिल्ली। दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री...

Recent Comments