Saturday, July 4, 2026
Home फीचर शर्मिला के सहारे आंध्र में कांग्रेस

शर्मिला के सहारे आंध्र में कांग्रेस

आंध्र प्रदेश में राजनीतिक समीकरण बदल सकता है। तेलंगाना की जीत के बाद कांग्रेस पार्टी आंध्र प्रदेश में संभावना देख रही है। हालांकि राज्य के विभाजन के बाद से आंध्र में कांग्रेस के प्रति बहुत नाराजगी है और यही कारण है कि कांग्रेस दो फीसदी भी वोट नहीं ले पा रही है। इसके बावजूद कांग्रेस की उम्मीद बढ़ी है तो उसका कारण मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला हैं। उन्होंने वाईएसआर तेलंगाना पार्टी का गठन किया था और पिछले चुनाव में कांग्रेस को समर्थन दिया। कहा जा रहा है कि कांग्रेस उनको राज्यसभा में भेजेगी या खम्मम सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ाएगी। इसके अलावा उनको पार्टी का महासचिव बनाने की चर्चा भी हो रही है।

कांग्रेस के जानकार सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस उनको आंध्र प्रदेश में इस्तेमाल करना चाहती है। वे कांग्रेस से जुड़ जाएंगी इस बात की पूरी संभावना है लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कांग्रेस नेताओं को लग रहा है कि उनके जरिए चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी से तालमेल हो सकता है। गौरतलब है कि टीडीपी की बातचीत भाजपा से चल रही है और उसने पवन कल्याण की जन सेना पार्टी से तालमेल कर लिया है। ऐसे में कांग्रेस से कैसे बात बनेगी? कहा जा रहा है कि भाजपा जगन मोहन की पार्टी के साथ भी चैनल खोले हुए है और वह नहीं चाहती है कि राज्य की किसी पार्टी के साथ तालमेल करे। इसके बावजूद नायडू की पार्टी का कांग्रेस के साथ जाना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। क्योंकि तब केंद्रीय और राज्य दोनों की एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो जाएगी।

RELATED ARTICLES

जाम में जकड़ा उत्तराखंड: बड़े शहरों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर जाम की समस्या बनी नासूर

अनिल चन्दोला देहरादून। शांत पहाड़ों, निर्मल नदियों और आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या...

विकास के दावों के बीच भूख की त्रासदी झेलने के लिए लोग मजबूर

 विश्‍वनाथ झा यह अपने आप में एक बड़ा विरोधाभास है कि जिस दौर में दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के चमकते आंकड़ों के जरिए लगातार विकास...

 बोतलबंद पानी नहीं, जहर पी रहे हैं हम  

ज्ञानेन्द्र रावत आधुनिक जीवनशैली के तहत हम सभी अपने जीवन को सुखमय बनाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास कर रहे हैं। वह चाहे भौतिक सुख...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में तेजी, उत्तराखंड में अब तक 92% से अधिक फॉर्म हुए डिजिटाइज

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेशभर में मतदाता गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य 92...

रुद्रपुर से ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत, कृषि क्षेत्र को ₹369.66 करोड़ की योजनाओं की सौगात

रुद्रपुर। किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और कृषि को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से रुद्रपुर के गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम...

विकसित भारत रोजगार योजना से रोजगार पाने और देने वालों को मिल रहा फायदा, 19 जून को राष्ट्रीय कार्यक्रम

देहरादून। देश में रोजगार सृजन को गति देने और युवाओं को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विकसित...

11 साल बाद खुला किसाऊ बांध परियोजना का रास्ता, उत्तराखंड-हिमाचल समेत छह राज्यों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। उत्तर भारत की बहुप्रतीक्षित किसाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को लेकर वर्षों से चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। विभिन्न कारणों से...

Recent Comments