उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के पौराणिक विश्वनाथ और शक्ति मंदिर को जोड़ते हुए विश्वनाथ-शक्ति मंदिर कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रामलीला मैदान में आयोजित सेवा संकल्प सभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी का नाम पूर्व विधायक दिवंगत गोपाल सिंह रावत के नाम पर रखने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर के निर्माण से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन के विस्तार और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विश्वनाथ और शक्ति मंदिर में की पूजा-अर्चना
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने पौराणिक काशी विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वह सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में शामिल हुए।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम का प्रसारण भी देखा गया। सभा में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया गया।
धौंतरी में स्वास्थ्य सुविधाओं और भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय पर बात
मुख्यमंत्री ने गाजणा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी के उच्चीकरण की मांग का परीक्षण कराने की बात कही। भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है। इसकी जल्द स्वीकृति के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने डोडीताल, अवाना बुग्याल और हरि महाराज सौड़ बुग्याल के विकास एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही।
उत्तरकाशी की 50 योजनाओं में से 26 का काम पूरा
जिले में विकास कार्यों की जानकारी देते हुए धामी ने कहा कि उत्तरकाशी में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 50 योजनाओं का शिलान्यास किया गया था। इनमें से 26 योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 24 पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 56 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं।
अर्थव्यवस्था, उद्योग और रोजगार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना से अधिक बढ़ी है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उनके अनुसार प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। होटलों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत और होमस्टे की संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में प्रथम स्थान, लगातार चार वर्षों से मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान और पूर्ण साक्षर राज्य बनने को भी उन्होंने प्रदेश की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में बताया।
धामी ने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क बेहतर करने के साथ पर्यटन, उद्योग, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।
भर्ती व्यवस्था और कानूनों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, भू-कानून और नकल विरोधी कानून को राज्य सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और नकल पर सख्ती के चलते पिछले लगभग पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिली हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण उनके कार्यों के केंद्र में रहे हैं। उन्होंने जनधन योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंची हैं।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केदारनाथ की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस दृष्टिकोण के अनुरूप प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने लोगों से विकसित भारत के संकल्प को अपने कर्तव्यों और दायित्वों से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण और केदार सिंह रावत, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय तथा मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।









