देहरादून। उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने अपनी चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। पार्टी प्रत्याशी दिनेश आर्य ने मंगलवार को विधानसभा पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट उनके साथ मौजूद रहे। आर्य ने विधानसभा के प्रभारी सचिव हेमचंद पंत को नामांकन पत्र सौंपा। इस मौके पर भाजपा के मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित थे।
केंद्रीय चुनाव समिति ने चार अक्टूबर को दिनेश आर्य को उम्मीदवार घोषित किया था। नैनीताल और कुमाऊं की राजनीति में सक्रिय आर्य को टिकट देकर पार्टी ने संगठन में काम कर चुके नेता को राज्यसभा के लिए आगे बढ़ाया है।
भाजपा के पास पर्याप्त विधायक, आगे की प्रक्रिया पर नजर
विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति के कारण आर्य की दावेदारी को बढ़त हासिल है। एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के पास 47 विधायक हैं। इस संख्याबल को देखते हुए भाजपा प्रत्याशी की जीत की राह आसान मानी जा रही है। हालांकि, निर्विरोध निर्वाचन को लेकर अंतिम स्थिति चुनाव प्रक्रिया के आगामी चरण पूरे होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह चुनाव राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने के कारण कराया जा रहा है। बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होगा। चुनाव कार्यक्रम में 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना निर्धारित है। मतदान की आवश्यकता होने पर इसी कार्यक्रम के अनुसार चुनाव होगा।
संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ता को अवसर: भट्ट
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आर्य के चयन को संगठन में उनके लंबे योगदान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आर्य जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और कुमाऊं में पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका रही है। भट्ट ने केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का स्वागत करते हुए इसे कार्यकर्ताओं की भावना के अनुरूप बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि आर्य का अनुभव पार्टी और प्रदेश के लिए उपयोगी साबित होगा।
विधानसभा टिकट की दावेदारी से राज्यसभा प्रत्याशी तक
दिनेश आर्य का राजनीतिक सफर नैनीताल क्षेत्र में संगठनात्मक सक्रियता से जुड़ा रहा है। वह नैनीताल भाजपा के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राज्यसभा की उम्मीदवारी से पहले उनका नाम विधानसभा चुनाव के टिकट के दावेदारों में भी रहा है।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने नैनीताल सीट से भाजपा का टिकट मांगा था। उस चुनाव में अवसर नहीं मिलने के बावजूद वह पार्टी गतिविधियों में सक्रिय रहे। इससे पहले वर्ष 2020 में उन्हें प्रदेश भाजपा की विस्तारित कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया था।
धामी सरकार में पेयजल योजनाओं की निगरानी का दायित्व
संगठन के साथ आर्य को सरकार में भी जिम्मेदारी मिली। दिसंबर 2023 में उन्हें उत्तराखंड राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया और राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया। इस भूमिका में वह पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा तथा उनके क्रियान्वयन की निगरानी से जुड़े रहे। भाजपा ने अब उन्हें राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाकर उनकी राजनीतिक भूमिका का विस्तार करने का फैसला किया है।









