Thursday, March 19, 2026
Home देश-दुनिया रेल परियोजनाओं में उत्तराखंड पर विशेष फोकस, रेल विकास के क्षेत्र में...

रेल परियोजनाओं में उत्तराखंड पर विशेष फोकस, रेल विकास के क्षेत्र में प्रदेश में 25 गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी

देहरादून। उत्तराखंड ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान रेलवे सेक्टर में बहुत ज्यादा तरक्की की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में उत्तराखंड से जुड़े रेल परियोजनाओं और सेवाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में रेलवे अवसंरचना के विकास और सुरक्षा कार्यों के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह जानकारी उन्होंने हरिद्वार सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और नैनीताल सांसद अजय भट्ट द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में दी।

रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान जहां उत्तराखंड में रेलवे पर औसतन 187 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च किए जाते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 4,641 करोड़ रुपये हो गया है। यह लगभग 25 गुना वृद्धि को दर्शाता है, जो राज्य में तेजी से बढ़ते रेल विकास का संकेत है।

01 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार उत्तराखंड में पूर्ण या आंशिक रूप से पड़ने वाली 40,384 करोड़ रुपये लागत की कुल 216 किलोमीटर लंबाई की तीन नई रेल लाइनों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 16 किलोमीटर रेल लाइन चालू हो चुकी है और मार्च 2025 तक लगभग 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। देवबंद-रुड़की (27 किमी) रेल लाइन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी करीब 40 किलोमीटर कम हो जाएगी।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग (125 किमी) रेल परियोजना को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में बताया गया है, जो देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरती है। यह परियोजना देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को ऋषिकेश और राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी। इस परियोजना में 104 किलोमीटर लंबी 16 मुख्य सुरंगें और लगभग 98 किलोमीटर लंबी 12 बचाव सुरंगें प्रस्तावित हैं, जिनमें से अधिकांश का निर्माण पूरा या अंतिम चरण में है। इसके अलावा 19 बड़े पुलों में से 8 का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष पर कार्य जारी है।

रेल मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच उत्तराखंड में 441 किलोमीटर लंबाई के सात सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें तीन नई रेल लाइनें और चार दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समपारों के स्थान पर सड़क पुलों का निर्माण भी लगातार जारी है। वर्ष 2004-14 के दौरान देशभर में 4,148 पुल बनाए गए थे, जबकि 2014 से जनवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 14,024 हो गई है, जिनमें उत्तराखंड के 106 पुल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 01 फरवरी 2026 तक भारतीय रेल में 1,14,196 करोड़ रुपये की लागत से 4,802 पुल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड में 158 करोड़ रुपये की लागत से 9 पुल विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने बताया कि “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत देश के 1,338 स्टेशनों के विकास की योजना में उत्तराखंड के 11 स्टेशन शामिल हैं, जिनमें देहरादून, हरिद्वार, काशीपुर, काठगोदाम, कोटद्वार, रामनगर, रुड़की और टनकपुर जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं जैसे बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट-एस्केलेटर, पार्किंग, दिव्यांगजन सुविधाएं और उन्नत यात्री सूचना प्रणाली विकसित की जा रही है। इस योजना के तहत उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा पिछले तीन वर्षों में 6,895 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 6,172 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल ने वर्ष 2023-24 से फरवरी 2026 तक उत्तराखंड के लिए 18 नई रेल सेवाएं शुरू की हैं। इनमें लखनऊ-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस, दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस और हरिद्वार-फिरोजपुर कैंट एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई ट्रेन सेवाओं का संचालन मार्ग की क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर तय किया जाता है।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में रेलवे के विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य जारी है, जिसमें नई रेल लाइनें, सुरंग और पुल निर्माण, स्टेशन आधुनिकीकरण और नई ट्रेन सेवाएं शामिल हैं। इन प्रयासों से विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।

RELATED ARTICLES

चारधाम यात्रा को लेकर बीकेटीसी तेज की तैयारियां, मंदिर परिसर में गैर सनातनियों और मोबाइल पर प्रतिबंध

देहरादून। आगामी अप्रैल माह से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को लेकर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।...

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में चुनाव कार्यक्रम जारी, चार मई को होगी मतगणना

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ( Election Commission of India) ने रविवार को देश के कई राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों...

रसोई गैस और ईंधन की कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रख रही सरकार, तीन दिनों में 280 जगह किया निरीक्षण

देहरादून। प्रदेश में एलपीजी और अन्य ईंधन की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

रेल परियोजनाओं में उत्तराखंड पर विशेष फोकस, रेल विकास के क्षेत्र में प्रदेश में 25 गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी

देहरादून। उत्तराखंड ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान रेलवे सेक्टर में बहुत ज्यादा तरक्की की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा...

चारधाम यात्रा को लेकर बीकेटीसी तेज की तैयारियां, मंदिर परिसर में गैर सनातनियों और मोबाइल पर प्रतिबंध

देहरादून। आगामी अप्रैल माह से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को लेकर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।...

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में चुनाव कार्यक्रम जारी, चार मई को होगी मतगणना

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ( Election Commission of India) ने रविवार को देश के कई राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों...

रसोई गैस और ईंधन की कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रख रही सरकार, तीन दिनों में 280 जगह किया निरीक्षण

देहरादून। प्रदेश में एलपीजी और अन्य ईंधन की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले...

Recent Comments