Saturday, April 5, 2025
Home फीचर अरबपतियों का कसता शिकंजा

अरबपतियों का कसता शिकंजा

ऑक्सफेम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शीर्ष पांच अरबपतियों की संपत्ति 2020 के बाद से दोगुनी हो गई है। यानी जब कोरोना महामारी की मार से आम जन की अर्थव्यवस्था बिगड़ी, इन अरबपतियों के लिए ये आपदा एक बेहतरीन अवसर साबित हुई। अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्था ऑक्सफेम की इस बात के लिए तारीफ करनी होगी कि हर वर्ष जब स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में दुनिया भर के आर्थिक एवं राजनीतिक कर्ता-धर्ता जुटते हैं, तो वह उन्हें आगाह करता है। वह बताता है कि ये कर्ता-धर्ता जिन नीतियों को आगे बढ़ा रहे हैं, वह सबकी खुशहाली लाने के अपने वायदे में लगातार फेल हो रही हैं। ऑक्सफेम तथ्यों के साथ बताता है कि इन नीतियों आर्थिक गैर-बराबरी को किस हद तक बढ़ा दिया है। इस संस्था ने अपनी ताजा रिपोर्ट में विश्व अर्थव्यवस्था पर अरबपतियों के बढ़ते शिकंजे पर रोशनी डाली है। उसने बताया है कि शीर्ष पांच अरबपतियों की संपत्ति 2020 के बाद से दोगुनी हो गई है। यानी जब कोरोना महामारी की मार से आम जन की अर्थव्यवस्था बिगड़ी, इन अरबपतियों के लिए ये आपदा एक बेहतरीन अवसर साबित हुई।

ऑक्सफेम ने बताया है कि 2020 के बाद से अरबपतियों की संपत्ति और भी बढ़ गई है, जबकि दुनिया की 60 फीसदी आबादी की आय घट गई है। ऑक्सफेम की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के शीर्ष पांच सबसे अमीर व्यक्तियों- इलॉन मस्क, बर्नार्ड अरनॉल्ट, जेफ बेजोस, लैरी एलिसन और मार्क जकरबर्ग- की संयुक्त संपत्ति साल 2020 के बाद 114 फीसदी या 464 अरब डॉलर से बढक़र 869 अरब डॉलर हो गई है। ऑक्सफेम ने पाया कि एक अरबपति या तो बड़ी कंपनियां चलाता है या दुनिया की दस सबसे बड़ी कंपनियों में से सात में प्रमुख शेयरधारक होता है। एक अनुमान के मुताबिक शीर्ष 148 कंपनियों ने 1.8 ट्रिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया, जो तीन साल के औसत से 52 प्रतिशत अधिक है। इससे शेयरधारकों को भारी रिटर्न मिला, जबकि लाखों श्रमिकों को जीवनयापन संकट का सामना करना पड़ा, क्योंकि महंगाई के कारण वास्तविक रूप से वेतन में कटौती हुई। ऑक्सफेम ने कहा है कि यह असमानता कोई संयोग नहीं है। बल्कि अरबपति वर्ग यह सुनिश्चित कर रहा है मौजूदा व्यवस्था अन्य सभी की कीमत पर उन्हें ज्यादा फायदा पहुंचाएं। यही कारण है कि जहां अरबों लोग महामारी, आर्थिक बदहाली, महंगाई और युद्ध की विभीषिका झेल रहे हैं, वहीं अरबपतियों की संपत्ति में उछाल आ रहा है।

RELATED ARTICLES

विकास के दावों के बीच भूख की त्रासदी झेलने के लिए लोग मजबूर

 विश्‍वनाथ झा यह अपने आप में एक बड़ा विरोधाभास है कि जिस दौर में दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के चमकते आंकड़ों के जरिए लगातार विकास...

 बोतलबंद पानी नहीं, जहर पी रहे हैं हम  

ज्ञानेन्द्र रावत आधुनिक जीवनशैली के तहत हम सभी अपने जीवन को सुखमय बनाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास कर रहे हैं। वह चाहे भौतिक सुख...

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 81.1 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित

गीता यादव गर्भवती महिलाओं पर किए एक अध्ययन से पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 81.1 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

अंतिम स्तर पर पहुंची चार धाम यात्रा की तैयारियां, 30 अप्रैल से होगी शुरूआत, भीड़ नियंत्रण के होंगे उपाय

देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रा 10...

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के तीन साल पूरे, प्रदेशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने उत्तराखंड में अपने तीन साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस अवसर...

दून में शुरू हुआ इण्डो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला और पर्यटन महोत्सव, सीएम धामी भी हुए शामिल

देहरादून। राजधानी देहरादून में इण्डो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला और पर्यटन महोत्सव की शुरूआत हो गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी महोत्सव...

चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा पर धामी सरकार सख्त, खाद्य संरक्षा विभाग चला रहा विशेष अभियान

देहरादून। आगामी चारधाम, हेमकुंड साहिब यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा पर प्रदेश की धामी सरकार सख्त रुख अपनाएगी। इसको लेकर खाद्य...

Recent Comments