Friday, September 25, 2026
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आखिर उस रात दीपक के साथ क्या हुआ था? चार महीने बाद भी पुलिस से सवाल कर रहा मृतक का परिवार

थराली (चमोली)। 8 मई 2026 की शाम घर से निकले दीपक गिरी ने परिजनों से फोन पर कहा था कि वह अपने कुछ साथियों के साथ बारात में जा रहा है और बाद में घर लौट आएगा। लेकिन वह रात फिर कभी नहीं आई, जब दीपक वापस घर पहुंचता। अगली सुबह परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। देवलकोट क्षेत्र में 30 वर्षीय दीपक मृत मिला था।

घटना को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर परिवार के सवाल खत्म नहीं हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि मामले में ऐसी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई जिससे मौत की परिस्थितियां उनके सामने स्पष्ट हो सकें। अब मृतक की मां और भाई ने पुलिस अधीक्षक चमोली को लिखित शिकायत भेजकर मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है।

परिवार ने दीपक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस की ओर से अब तक उपलब्ध जानकारी में हत्या की पुष्टि नहीं की गई है। थराली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच उच्चाधिकारियों के स्तर से कराई जा चुकी है और उसकी रिपोर्ट भी आ गई है।

घर से जिंदा निकला, अगली सुबह मिली मौत की खबर

परिजनों की शिकायत के मुताबिक 8 मई 2026 को दीपक गिरी अपने कुछ साथियों के साथ एक वाहन में देवलकोट क्षेत्र की तरफ गया था। इसी दौरान दीपक की अपने परिवार से फोन पर बातचीत हुई। उसने बताया कि वह साथियों के साथ बारात में जा रहा है और बाद में घर लौटेगा।

लेकिन देर रात तक दीपक नहीं पहुंचा। परिवार उसका इंतजार करता रहा। अगली सुबह सूचना मिली कि देवलकोट क्षेत्र में एक युवक संदिग्ध अवस्था में मृत मिला है। परिजन वहां पहुंचे तो मृतक की पहचान दीपक के रूप में हुई। यहीं से परिवार के लिए कई सवाल खड़े हो गए।

परिजनों का दावा- शरीर पर थे चोट के निशान

दीपक के परिजनों का दावा है कि उसके शरीर पर चोट के निशान थे। परिवार इसी आधार पर मौत की परिस्थितियों की गहराई से जांच की मांग कर रहा है।

परिजनों का कहना है कि घटना वाली रात दीपक किन लोगों के साथ था, वह आखिरी बार कहां देखा गया, उसके साथ उस दौरान क्या हुआ और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई—इन सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

यहां यह महत्वपूर्ण है कि चोट के निशान और हत्या की आशंका परिवार का दावा है। उपलब्ध विवरण में पोस्टमार्टम रिपोर्ट या किसी फॉरेंसिक रिपोर्ट का निष्कर्ष मौजूद नहीं है, इसलिए दीपक की मौत का कारण हत्या था, इसे इस स्तर पर तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।

परिवार बोला- उस रात की पूरी कड़ी जोड़ी जाए

पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में मृतक के भाई और मां ने मामले की फिर से जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ कर उस रात के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जाएं।

परिवार चाहता है कि दीपक के घर से निकलने से लेकर उसके मृत मिलने तक की परिस्थितियों की दोबारा पड़ताल हो। जांच में यदि किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

चार महीने बाद भी परिवार जांच से संतुष्ट नहीं

मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि घटना मई में हुई थी और अब सितंबर चल रहा है। इस दौरान पुलिस के स्तर पर जांच भी हुई, लेकिन परिवार की दोबारा जांच की मांग बताती है कि मौजूदा कार्रवाई से उनके संदेह दूर नहीं हुए हैं।

परिजनों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से उन्होंने अब पुलिस के उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

पुलिस का पक्ष- जांच रिपोर्ट आ चुकी, परिवार को भी दी जानकारी

मामले को लेकर थराली थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने दूरभाष पर बताया कि दीपक की मौत के मामले की जांच कर्णप्रयाग के पुलिस उच्चाधिकारियों द्वारा की गई है। थानाध्यक्ष के अनुसार जांच रिपोर्ट आ चुकी है और परिजनों को भी इस संबंध में जानकारी दी गई है।

पुलिस के इस पक्ष के बावजूद परिवार ने मामला दोबारा पुलिस अधीक्षक के सामने रखा है। ऐसे में अब निगाह इस बात पर है कि एसपी चमोली परिवार की शिकायत पर क्या निर्णय लेते हैं। क्या पहले हुई जांच को पर्याप्त माना जाएगा या परिवार की ओर से उठाए गए बिंदुओं को देखते हुए किसी स्तर पर दोबारा पड़ताल होगी, यह आगे की कार्रवाई से साफ होगा।

इन सवालों के जवाब चाहता है परिवार

दीपक गिरी की मौत के मामले में परिवार की शिकायत के बाद सबसे अहम सवाल वही हैं जो घटना की रात से जुड़े हैं- दीपक किन साथियों के साथ देवलकोट गया था, आखिरी बार उसे किस परिस्थिति में देखा गया, परिवार के बताए चोट के निशानों को जांच में किस तरह देखा गया और पहले हुई पुलिस जांच में उसकी मौत के संबंध में आखिर क्या निष्कर्ष निकाला गया?

इन सवालों पर पुलिस की जांच रिपोर्ट का विस्तृत पक्ष सामने आने से ही मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल एक तरफ पुलिस जांच पूरी होने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ दीपक का परिवार अब भी उसकी मौत की दोबारा जांच और न्याय की मांग कर रहा है।

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