देहरादून। उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अब उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने का फैसला किया है, जहां पिछले चुनाव में उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी। पार्टी संगठन ने 2022 में हारी 23 सीटों को प्राथमिकता सूची में रखते हुए वहां राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने की रणनीति तैयार की है।
पार्टी की योजना केवल चुनावी सभाओं तक सीमित नहीं रहेगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता बढ़ाने, स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और जनता के बीच पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ नेताओं को समय-समय पर इन क्षेत्रों का दौरा करने और संगठन की प्रगति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि जिन सीटों पर पिछले चुनाव में हार मिली, वहां स्थानीय परिस्थितियों, क्षेत्रीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों का नए सिरे से अध्ययन करना आवश्यक है। इसी आधार पर प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि आगामी चुनाव से पहले संगठनात्मक कमियों को दूर किया जा सके।
रणनीति के तहत युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान रहेगा। पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए डिजिटल अभियान, संवाद कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। साथ ही लंबे समय से निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय भूमिका में लाने की कवायद भी शुरू की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने चुनावी तैयारियां तय समय से काफी पहले शुरू कर दी हैं। यदि पार्टी अपनी संगठनात्मक रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में सफल रहती है, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में इन 23 सीटों पर मुकाबला पिछली बार की तुलना में अधिक दिलचस्प हो सकता है।






