देहरादून। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग का उपयोग आम नागरिक भी कर सकेंगे। बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित इस परियोजना में 43 कारों को खड़ा करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। निर्माण के संशोधित खर्च और संचालन से जुड़े विषयों पर सचिवालय में हुई बैठक में चर्चा की गई। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आवास सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति ने परियोजना के 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन की समीक्षा की। बैठक में विभागीय अधिकारियों, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ और कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने परियोजना की तकनीकी जरूरतों तथा लागत में हुई वृद्धि की जानकारी दी।
न्यायालय आने वालों और बाजार के लोगों को मिलेगी जगह
प्रस्तावित पार्किंग से अधिवक्ताओं, वादकारियों, न्यायालय कर्मचारियों और अन्य आगंतुकों को वाहन खड़ा करने की सुविधा मिल सकेगी। स्थल बाजार वाली सड़क पर होने के कारण आम नागरिकों के लिए भी इसके इस्तेमाल की व्यवस्था होगी।
न्यायालय परिसर के आसपास लोगों और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए इस सुविधा को उपयोगी बताया गया है। निर्माण पूरा होने पर सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। तीन मंजिला ढांचे से सीमित भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
282.93 लाख रुपये की बढ़ोतरी का कारण स्पष्ट करेगा लोनिवि
प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, पिथौरागढ़ ने पार्किंग निर्माण का संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया है। तकनीकी समिति यानी टीएसी से अनुमोदित इस अनुमान की राशि 959.47 लाख रुपये है। समिति की बैठक में इसे प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति देने से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, पुनरीक्षित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान शामिल है। इन मदों के कारण लागत में 282.93 लाख रुपये की वृद्धि हुई है।
समिति ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता अतिरिक्त लागत के कारणों को लिखित रूप से स्पष्ट करें। विस्तृत जानकारी शासन को मिलने के बाद प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
पहले जारी की जा चुकी है लागत की 40 प्रतिशत राशि
परियोजना के लिए शासनादेश संख्या 199681/2024, दिनांक 16 मार्च 2024 के माध्यम से 270.61 लाख रुपये जारी किए गए थे। यह राशि उस समय की कुल स्वीकृत लागत का 40 प्रतिशत थी।
निर्माण की आवश्यकताओं और परियोजना में अतिरिक्त प्रावधान शामिल किए जाने के बाद अधिक धनराशि की जरूरत सामने आई है। इसी को देखते हुए संशोधित अनुमान तैयार कर स्वीकृति के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
दो लिफ्ट का प्रावधान, संचालन के लिए तय होगा शुल्क
पार्किंग के विभिन्न स्तरों तक आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए दो लिफ्ट का प्रावधान रखा गया है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि निर्माण के साथ ही संचालन और रखरखाव की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए।
जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ वाहनों की आवाजाही, सुरक्षा और नियमित संचालन से संबंधित व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जानी हैं।
सार्वजनिक सुविधाओं को समयबद्ध ढंग से विकसित करने पर जोर
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सार्वजनिक उपयोग की आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर की प्रस्तावित पार्किंग भी इसी प्रयास का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था से अतिरिक्त खर्च का स्पष्ट विवरण मांगा गया है, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार पूरी हो सके। सरकार का प्रयास है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़े और न्यायालय आने वाले लोगों के साथ आम नागरिकों को भी इसका लाभ मिले।









